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डिलीवरी के बाद बाल झड़ना हर महिला में होता है क्या? जानें पूरी सच्चाई

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan
  • category-iconPublished on 10 Aug, 2026
  • category-iconUpdated on 10 Aug, 2026
  • category-iconWomen's Health
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बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं जिनमें से एक बदलाव बालों का ज़्यादा झड़ना है। क्या डिलीवरी के बाद बाल झड़ना हर महिला के साथ होता है? गर्भावस्था के दौरान बढ़े हुए एस्ट्रोजन हार्मोन की वजह से बाल घने और चमकदार हो जाते हैं लेकिन डिलीवरी के बाद ये हार्मोन अचानक कम हो जाते हैं। इसी वजह से बाल तेज़ी से गिरने लगते हैं, जिसे टेलोजन एफ्लुवियम कहा जाता है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जो लगभग हर महिला को प्रभावित करती है।

डिलीवरी के बाद बाल क्यों झड़ने लगते हैं?

डिलीवरी के बाद बाल झड़ना तो नार्मल है बच्चे के जन्म के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन का स्तर बहुत बढ़ जाता है, जिससे बालों का फायदा होता है और बाल घने दिखाई देते हैं। लेकिन बच्चे  के जन्म के बाद एस्ट्रोजन का स्तर अचानक तेज़ी से गिरता है, जिससे वे सभी बाल जो प्रेगनेंसी के दौरान नहीं झड़े थे, एक साथ झड़ने लगते हैं। इसके अलावा बच्चे की देखभाल के कारण होने वाला मानसिक तनाव, नींद की कमी और स्तनपान के दौरान पोषक तत्वों जैसे आयरन और प्रोटीन की कमी भी इस समस्या को बढ़ा देती है। यह समस्या आमतौर पर डिलीवरी के तीन महीने बाद शुरू होकर सालभर में अपने आप ठीक हो जाती है।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

डिलीवरी के बाद बाल झड़ना हर महिला में हो, यह जरूरी नहीं है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार करीब 90% महिलाएं इसका सामना करती हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि गर्भावस्था के बाद एस्ट्रोजन हॉर्मोन का स्तर अचानक गिरना इसका मुख्य कारण है, जिसे 'पोस्टपार्टम टेलोजन एफ्लुवियम' कहते हैं। जिन महिलाओं में हॉर्मोनल बदलाव कम होते हैं या जेनेटिक्स और पोषण बहुत अच्छा होता है, उनमें बाल कम झड़ते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, यह एक अस्थायी समस्या है जो डिलीवरी के 3 महीने बाद शुरू होकर सालभर में खुद ठीक हो जाती है।

डिलिवरी के बाद बाल झड़ना: मुख्य कारण क्या हैं?

डिलीवरी के बाद बाल झड़ने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं

  • वात दोष का बढ़ना डिलीवरी के बाद शरीर में 'वात दोष' बहुत बढ़ जाता है, जिससे स्कैल्प में सूखापन आता है और जड़ें कमज़ोर हो जाती हैं।
  • पोषक तत्वों की कमी शिशु को दूध पिलाने और प्रसव के दौरान खून बहने से शरीर में रस और रक्त पोषण की कमी हो जाती है।
  • कमज़ोर पाचन न्यूबॉर्न बेबी की वजह से तनाव और नींद की कमी से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, जिससे बालों को सही पोषण नहीं मिल पाता। 

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण क्या है?

आयुर्वेद के अनुसार, डिलीवरी के बाद बाल झड़ना हर महिला में हो, यह ज़रूरी नहीं है, बल्कि यह शरीर में दोषों के संतुलन पर निर्भर करता है। प्रसव के बाद शरीर में स्वाभाविक रूप से वात दोष बढ़ जाता है, जो सिर की त्वचा में सूखापन लाकर बालों की जड़ों को कमज़ोर करता है। जिन महिलाओं की वात प्रकृति होती है, उनमें बहुत ज़्यादा हेयर फॉल होता है। इसके अलावा, प्रसव और स्तनपान की  वजह से शरीर का रस और रक्त धातुएं कम हो जाती हैं। यदि महिला का खान-पान और पाचन अच्छा हो तो बाल नहीं झड़ते। इसलिए संतुलित आहार और शांत वातावरण वाली महिलाओं में यह समस्या नहीं दिखती।

डिलीवरी के बाद बालों की देखभाल कैसे करें?

डिलीवरी के बाद बालों की देखभाल करने के आसान तरीके निम्नप्रकार के हैं 

  • आँवला और भृंगराज तेल: हफ्ते में दो बार भृंगराज या आंवला तेल को गुनगुना करके सिर की मालिश करें, इससे जड़ें मजबूत होंगी।
  • अच्छा खाएं: अपनी डाइट में हरी सब्ज़ियाँ, फल, दूध, पनीर और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें ताकि बालों को पूरा पोषण मिले।
  • केमिकल से दूरी: कुछ महीनों के लिए बालों में कलर, स्ट्रेटनिंग या तेज़ केमिकल वाले शैम्पू का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दें।
  • गीले बाल न संवारें: नहाने के तुरंत बाद कंघी न करें और मोटे दांतों वाली लकड़ी की कंघी का ही इस्तेमाल करें।

डाइट में कौन-सी चीज़ें शामिल करें ताकि बाल मज़बूत रहें?  

बालों को अंदर से मजबूत बनाने के लिए अपनी रोज की डाइट में ये चीज़ें ज़रूर शामिल करें:

  • पनीर: इसमें भरपूर प्रोटीन और बायोटीन होता है, जो बालों को टूटने से बचाता है और उन्हें नया जीवन देता है।
  • पालक और हरी सब्ज़ियाँ: इनमें आयरन और विटामिन-A होता है, जो सिर की त्वचा में खून का दौरा बढ़ाता है।
  • आँवला और संतरा: विटामिन-C से भरपूर ये चीज़ें बालों की जड़ों को मज़बूत करती हैं और समय से पहले सफेद होने से रोकती हैं।
  • अखरोट और बादाम: इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-E होता है, जो बालों में प्राकृतिक चमक और नमी बनाए रखता है।

किन गलतियों से Hair Fall और बढ़ सकता है?

डिलीवरी के बाद शरीर पहले से ही संवेदनशील होता है। ऐसे में कुछ गलतियां बालों के झड़ने को कई गुना बढ़ा देती हैं: 

  • डाइट में लापरवाही: वज़न घटाने के लिए क्रैश डाइटिंग करना या प्रोटीन और आयरन से भरपूर खाना न खाना जड़ों को सबसे ज़्यादा कमज़ोर बनाता है।
  • गीले बालों में कंघी: डिलीवरी के बाद बाल बहुत ज़्यादा नाज़ुक होते हैं। नहाने के तुरंत बाद गीले बालों में बारीक कंघी चलाने से वे तेज़ी से टूटते हैं। 
  • केमिकल और हीटिंग: इस दौरान बालों पर स्ट्रेटनर, ब्लो ड्रायर या केमिकल वाले हेयर कलर का इस्तेमाल करने से बचा हुआ मॉइस्चर भी खत्म हो जाता है।
  • टाइट हेयरस्टाइल: बालों को बहुत कसकर बांधना या ऊंची पोनीटेल बनाने से कमज़ोर जड़ों पर खिंचाव पड़ता है और बाल गुच्छों में गिरने लगते हैं।
  • तनाव और अधूरी नींद: न्यूबॉर्न बेबी के कारण नींद पूरी न होना स्वाभाविक है, लेकिन बहुत ज़्यादा मानसिक तनाव लेने से कॉर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ता है जो हेयर फॉल तेज़ करता है।

बालों के लिए असरदार जड़ी बूटियाँ 

  • भृंगराज: इसे 'बालों का राजा' कहते हैं। यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर नए बाल उगाने में मदद करता है।
  • आँवला: विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आंवला बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है।
  • ब्राह्मी: यह डिलीवरी के बाद का तनाव दूर करती है और बालों को गहराई से पोषण देकर झड़ना रोकती है।
  • जटामांसी: यह जड़ों को मज़बूती देकर रूखेपन को खत्म करती है और बालों को दोबारा घना बनाती है।

डॉक्टर से कब मिलें?

इन स्थितियों में आपको डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए:

  • गुच्छों में टूटना: जब बाल बहुत अधिक गुच्छों में गिरें या सिर पर गंजेपन के पैच बन जाएं।
  • लंबे समय तक झड़ना: अगर बच्चे के एक साल होने के बाद भी बालों का गिरना बिल्कुल कम न हो।
  • अन्य लक्षण: बालों के झड़ने के साथ अत्यधिक थकान या वजन में अचानक बदलाव (थायरॉइड का संकेत) महसूस हो।
  • स्कैल्प की समस्या: सिर की त्वचा में तेज़ खुजली, दर्द या लालिमा होने पर डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाएं।

निष्कर्ष:

डिलीवरी के बाद बाल झड़ना एक प्राकृतिक और अस्थायी प्रक्रिया है, जो हार्मोनल बदलावों के कारण होती है। यह समस्या आमतौर पर समय के साथ स्वतः ठीक हो जाती है। घबराने के बजाय नई माँ को पौष्टिक डाइट, पर्याप्त नींद और तनावमुक्त जीवनशैली पर ध्यान देना चाहिए। भृंगराज व आंवला जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां और सही देखभाल बालों को दोबारा घना बनाने में मदद करती हैं। फिर भी, अगर बालों का गिरना एक साल बाद भी न रुके, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से ज़रूर मिलें।

References:

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC10846762/

https://www.healthline.com/health/hair-loss

https://www.healthline.com/health/parenting/postpartum-hair-loss

https://americanpregnancy.org/pregnancy/hair-loss-during-pregnancy/

https://www.healthline.com/health/hair-loss-in-pregnancy

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

यह लगभग 90% महिलाओं में होने वाली एक बहुत ही सामान्य और स्वाभाविक प्रक्रिया है। हार्मोनल बदलावों के कारण ज़्यादातर नई माताएं इस समस्या का सामना करती हैं।

गर्भावस्था के दौरान बढ़ा हुआ एस्ट्रोजन हार्मोन डिलीवरी के बाद अचानक कम हो जाता है। इसी हार्मोनल गिरावट के कारण बाल तेज़ी से अपने रेस्टिंग फेज में जाकर झड़ने लगते हैं।

यह समस्या आमतौर पर बच्चे के जन्म के तीन महीने बाद शुरू होती है। शरीर में हार्मोन संतुलित होने पर एक साल के भीतर यह अपने आप ठीक भी हो जाती है।

आयुर्वेद के अनुसार प्रसव के बाद महिला के शरीर में वात दोष बहुत अधिक बढ़ जाता है। इसी बढ़े हुए वात दोष के कारण सिर की त्वचा  में सूखापन आता है और जड़ें कमजोर होती हैं।

हाँ, तनाव और अधूरी नींद से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो बालों की जड़ों को कमज़ोर करता है। इसलिए बालों को बचाने के लिए नई माँ का पर्याप्त आराम करना बहुत ज़रूरी है।

बालों को अंदरूनी पोषण देने के लिए अपनी डाइट में पनीर, पालक, आँवला और अखरोट ज़रूर शामिल करें। इनमें मौजूद प्रोटीन, आयरन और विटामिन-C बालों को झड़ने से रोकते हैं।

डिलीवरी के बाद बाल बहुत नाज़ुक होते हैं और गीले होने पर इनकी जड़ें सबसे ज़्यादा कमज़ोर होती हैं। ऐसे में तुरंत बारीक कंघी का इस्तेमाल करने से बाल बहुत तेज़ी से खिंचकर टूटते हैं।

अगर बाल बहुत ज़्यादा गुच्छों में गिर रहे हों, सिर पर गंजेपन के पैच बन जाएं या एक साल बाद भी झड़ना न रुके। ऐसी गंभीर स्थिति में आपको तुरंत किसी डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए।

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