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गर्मी में बालों का झड़ना बढ़ गया? Pitta Scalp पर Attack कर रहा है

Information By Dr. Keshav Chauhan

जैसे ही पारा चढ़ना शुरू होता है और तपती गर्मी दस्तक देती है, हमारी जिंदगी में कई परेशानियां एक साथ आ जाती हैं। चेहरे पर चिपचिपापन, पसीना, घमौरियां और इन सबसे बढ़कर—बालों का तेज़ी से झड़ना। क्या आपने ध्यान दिया है कि जैसे ही मई-जून की गर्मी आती है, आपके कंघे में, तकिये पर या नहाते समय बाथरूम की जाली पर टूटे हुए बालों का गुच्छा बढ़ जाता है?

ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि गर्मी के मौसम में पसीने और धूल-मिट्टी की वजह से बाल झड़ रहे हैं। वे महंगे-महंगे शैम्पू, तेल या सीरम बदलना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बालों के इस तरह झड़ने का असली कारण आपके पेट और शरीर की गर्मी से है?

क्या गर्मियों में बाल झड़ना सामान्य है?

गर्मियों में बालों का थोड़ा-बहुत झड़ना आम बात हो सकती है। तेज़ धूप, पसीना, धूल और सिर की त्वचा में बढ़ी हुई गर्मी का असर बालों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि कई लोगों को इस मौसम में सामान्य से ज़्यादा बाल टूटते या झड़ते हुए दिखाई देते हैं।

हालांकि, अगर बाल बहुत ज़्यादा झड़ रहे हों, बालों की घनत्व कम होने लगी हो या बाल पहले के मुकाबले तेज़ी से पतले हो रहे हों, तो इसे केवल मौसम का असर मानकर नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में इसके पीछे कोई और कारण भी हो सकता है, जिस पर ध्यान देना जरूरी है।

क्या है 'पित्त दोष' और इसका बालों से क्या रिश्ता है?

आयुर्वेद के अनुसार, शरीर तीन दोषों वात, पित्त और कफ से मिलकर बना है। इनमें पित्त का संबंध मुख्य रूप से शरीर की गर्मी, पाचन और मेटाबॉलिज्म से माना जाता है। गर्मियों में मौसम के साथ-साथ शरीर में भी पित्त बढ़ने की संभावना रहती है।

आयुर्वेद मानता है कि जब पित्त जरूरत से ज़्यादा बढ़ जाता है, तो इसका असर बालों और सिर की त्वचा पर भी पड़ सकता है। बढ़ी हुई गर्मी बालों की जड़ों को कमजोर कर सकती है, जिससे बाल ज़्यादा झड़ने लगते हैं। यही कारण है कि कुछ लोगों को गर्मियों में बालों का झड़ना, स्कैल्प में जलन या सिर में गर्मी जैसी परेशानियां ज़्यादा महसूस हो सकती हैं।

सिर की त्वचा पर पित्त का असर: कैसे पहचानें लक्षण?

अगर गर्मियों में आपके बालों और स्कैल्प में कुछ बदलाव दिखने लगे हैं, तो यह बढ़ी हुई गर्मी का असर हो सकता है। कुछ आम संकेत हैं:

  • बालों का सामान्य से ज़्यादा झड़ना: रोज की तुलना में ज़्यादा बाल टूटते या झड़ते नज़र आ सकते हैं।
  • कंघी करते समय ज़्यादा बाल निकलना: बाल संवारते समय कंघी में अधिक बाल फंस सकते हैं।
  • सिर में गर्मी महसूस होना: स्कैल्प सामान्य से ज़्यादा गर्म लग सकता है।
  • स्कैल्प में खुजली या जलन होना: सिर की त्वचा में बार-बार खुजली या जलन महसूस हो सकती है।
  • बालों का रूखा और बेजान लगना: बाल अपनी प्राकृतिक नमी और मुलायमपन खो सकते हैं।
  • बालों की चमक कम होना: बाल पहले की तरह चमकदार नहीं दिखते।
  • बालों का पतला दिखना: बालों का घनत्व कम होने की वजह से वे पतले नज़र आ सकते हैं।

अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो समय रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है।

गर्मी में पित्त भड़कने और बाल झड़ने के असली कारण

गर्मियों के मौसम में कुछ ऐसी चीजें होती हैं जो बालों और सिर की त्वचा पर सीधा असर डाल सकती हैं। यही कारण है कि इस समय कई लोगों को बाल पहले से ज़्यादा झड़ते हुए नज़र आते हैं।

  • तेज़ धूप: लंबे समय तक धूप में रहने से बालों और सिर की त्वचा पर असर पड़ सकता है।
  • ज़्यादा पसीना आना: सिर में पसीना जमा होने से गंदगी और तेल बढ़ सकते हैं।
  • पानी कम पीना: शरीर में पानी की कमी बालों की सेहत को प्रभावित कर सकती है।
  • धूल और प्रदूषण: ये बालों को कमजोर और रूखा बना सकते हैं।
  • बहुत ज़्यादा मसालेदार भोजन: कुछ लोगों में इससे शरीर की गर्मी बढ़ सकती है।
  • तनाव और नींद की कमी: ये दोनों बाल झड़ने की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
  • बार-बार केमिकल वाले उत्पाद इस्तेमाल करना: कुछ हेयर प्रोडक्ट्स बालों और स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इन कारणों का असर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है, लेकिन गर्मियों में बालों की सही देखभाल करना बहुत जरूरी होता है।

किन लोगों में पित्त बढ़ने की संभावना ज़्यादा होती है?

हालांकि पित्त किसी में भी बढ़ सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसकी संभावना ज़्यादा मानी जाती है। खासकर गर्मियों के मौसम में अगर कुछ आदतों का ध्यान न रखा जाए, तो शरीर में गर्मी बढ़ सकती है।

  • जो लोग तेज़ धूप में लंबे समय तक रहते हैं
  • जो बहुत ज़्यादा मसालेदार, तीखा या तला-भुना खाना खाते हैं
  • जो दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पीते
  • जो अक्सर देर रात तक जागते हैं
  • जो ज़्यादा तनाव में रहते हैं
  • जिन्हें शरीर में जल्दी गर्मी महसूस होती है
  • जिन्हें गर्मियों में बार-बार जलन, खुजली या मुंह के छाले जैसी समस्याएं होती हैं

अगर इनमें से कुछ बातें आप पर भी लागू होती हैं, तो गर्मियों में खानपान और जीवनशैली पर थोड़ा ज़्यादा ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है।

गर्मियों में बालों की देखभाल कैसे करें?

गर्मियों में कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपने बालों और स्कैल्प को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • पर्याप्त पानी पिएं: शरीर में पानी की कमी न होने दें।
  • सिर को ढककर रखें: तेज़ धूप से बालों और स्कैल्प का बचाव करें।
  • बालों को साफ रखें: पसीना और गंदगी जमा न होने दें।
  • बहुत गर्म पानी से बचें: इससे बाल और ज़्यादा रूखे हो सकते हैं।
  • संतुलित आहार लें: फल और सब्ज़ियाँ बालों को जरूरी पोषण देती हैं।
  • पूरी नींद लें: अच्छी नींद बालों की सेहत के लिए जरूरी है।
  • तनाव कम करें: ज़्यादा तनाव बाल झड़ने की समस्या बढ़ा सकता है।
  • केमिकल वाले उत्पाद कम इस्तेमाल करें: ये बालों को कमजोर बना सकते हैं।

गर्मियों में पित्त को संतुलित रखना क्यों जरूरी है?

गर्मियों में बढ़ी हुई गर्मी का असर शरीर पर पड़ना स्वाभाविक है। आयुर्वेद के अनुसार, इस मौसम में पित्त बढ़ने की संभावना भी अधिक रहती है। जब पित्त संतुलन में रहता है, तो शरीर सामान्य रूप से काम करता है, लेकिन इसके बढ़ने पर कई तरह की परेशानियां दिखाई दे सकती हैं।

पित्त को संतुलित रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है:

  • शरीर की गर्मी को नियंत्रित रखने के लिए: इससे गर्मी से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं।
  • बालों की सेहत बनाए रखने के लिए: बढ़ा हुआ पित्त बालों की जड़ों को प्रभावित कर सकता है।
  • स्कैल्प की जलन और खुजली कम करने के लिए: संतुलित पित्त सिर की त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • पाचन को बेहतर बनाए रखने के लिए: पित्त का सीधा संबंध पाचन से माना जाता है।
  • शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए: इससे समग्र स्वास्थ्य बेहतर रहने में मदद मिलती है।

इसी वजह से आयुर्वेद गर्मियों में खानपान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देने की सलाह देता है।

गर्मियों में क्या खाएं और क्या न खाएं?

अगर गर्मियों में बाल ज़्यादा झड़ रहे हैं, तो बालों की देखभाल के साथ-साथ खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी है। सही भोजन शरीर को अंदर से संतुलित रखने में मदद कर सकता है।

क्या खाएं?

  • मौसमी फल: शरीर को ठंडक और जरूरी पोषण देने में मदद करते हैं।
  • खीरा और ककड़ी: गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक होते हैं।
  • नारियल पानी: शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है।
  • छाछ: गर्मियों में हल्का और फायदेमंद पेय माना जाता है।
  • हरी सब्ज़ियाँ: शरीर को जरूरी विटामिन और खनिज प्रदान करती हैं।

क्या न खाएं?

  • बहुत ज़्यादा मसालेदार भोजन: शरीर की गर्मी बढ़ा सकता है।
  • तला-भुना खाना: पाचन और शरीर के संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
  • बहुत ज़्यादा चाय और कॉफी: कुछ लोगों में शरीर की गर्मी बढ़ा सकती है।
  • पैकेट वाले खाद्य पदार्थ: इनमें नमक और अन्य तत्व अधिक हो सकते हैं।
  • मीठे पेय पदार्थ: शरीर के लिए अतिरिक्त बोझ बन सकते हैं।

बालों के झड़ने के बारे में आयुर्वेद क्या कहता है? 

आयुर्वेद में बाल झड़ना केवल बालों की समस्या नहीं माना जाता, बल्कि इसे शरीर के अंदर होने वाले असंतुलन से जोड़कर देखा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर में पित्त बढ़ जाता है या खानपान और जीवनशैली संतुलित नहीं रहती, तो इसका असर बालों की जड़ों पर भी पड़ सकता है।

इसी वजह से आयुर्वेद केवल बालों की बाहरी देखभाल पर ध्यान नहीं देता, बल्कि खानपान, दिनचर्या और शरीर के संतुलन को बेहतर बनाने पर भी जोर देता है। उद्देश्य केवल बालों का झड़ना कम करना नहीं, बल्कि उसके पीछे के कारणों को समझकर उन्हें दूर करना भी होता है।

बाल झड़ने की समस्या में आयुर्वेदिक औषधियां और थेरेपी

आयुर्वेद में बालों की समस्या को व्यक्ति की प्रकृति, लक्षणों और कारणों के आधार पर समझा जाता है। इसके लिए कुछ आयुर्वेदिक औषधियों और थेरेपी की सलाह दी जा सकती है।

प्रमुख आयुर्वेदिक औषधियां:

  • भृंगराज: बालों की देखभाल के लिए उपयोग की जाने वाली प्रमुख जड़ी-बूटियों में से एक माना जाता है।
  • आंवला: बालों को पोषण देने और उनकी सेहत बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
  • ब्राह्मी: तनाव को कम करने और सिर की देखभाल में उपयोग की जाती है।
  • जटामांसी: बालों और स्कैल्प से जुड़ी समस्याओं में उपयोग की जाने वाली आयुर्वेदिक औषधि मानी जाती है।

आयुर्वेदिक थेरेपी:

  • शिरोधारा: सिर पर औषधीय तेल की धारा डालने की एक आयुर्वेदिक प्रक्रिया।
  • शिरो अभ्यंग: औषधीय तेलों से सिर की मालिश की जाती है।
  • पंचकर्म: जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार कुछ पंचकर्म प्रक्रियाओं की सलाह दी जा सकती है।

कब बालों का झड़ना चिंता का कारण बन सकता है?

हर दिन कुछ बालों का झड़ना सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर बालों का झड़ना लगातार बढ़ रहा है या बाल पहले के मुकाबले तेज़ी से पतले होने लगे हैं, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

इन स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर हो सकता है:

  • बाल अचानक बहुत ज़्यादा झड़ने लगें
  • सिर पर बाल कम होने की जगह साफ दिखाई देने लगे
  • बालों की घनत्व पहले से काफी कम हो जाए
  • स्कैल्प में लगातार खुजली, जलन या दर्द बना रहे
  • बाल झड़ने के साथ बहुत ज़्यादा रूसी भी हो
  • कई हफ्तों या महीनों तक समस्या बनी रहे

समय रहते कारण का पता चल जाए, तो समस्या को बढ़ने से रोकने और सही देखभाल शुरू करने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष

अगर गर्मियों में आपके बाल सामान्य से ज़्यादा झड़ रहे हैं, तो इसके पीछे केवल मौसम ही नहीं, बल्कि शरीर में बढ़ी हुई गर्मी और कुछ रोजमर्रा की आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं। कम पानी पीना, तेज़ धूप में ज़्यादा रहना, तनाव और गलत खानपान जैसी चीज़ें इस समस्या को बढ़ा सकती हैं।

इसलिए बालों की देखभाल केवल अच्छे शैंपू या तेल तक सीमित नहीं होनी चाहिए। संतुलित खानपान, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बालों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। अगर बालों का झड़ना लगातार बढ़ रहा है, तो समय रहते विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

डॉक्टर की सलाह सीधे अपने फोन पर — WhatsApp Channel से जुड़ें।

FAQs

गर्मियों में कुछ लोगों के बाल सामान्य से ज़्यादा झड़ सकते हैं, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बढ़ रही है तो इस पर ध्यान देना चाहिए।

हाँ, तेज़ धूप, पसीना और बढ़ी हुई गर्मी बालों और स्कैल्प को प्रभावित कर सकती हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, बढ़ा हुआ पित्त बालों की जड़ों को कमजोर कर सकता है, जिससे बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है।

पर्याप्त पानी पिएं, बालों को साफ रखें और धूप से बचाव करें।

शरीर में पानी की कमी का असर बालों की सेहत पर भी पड़ सकता है।

ताजे फल, हरी सब्ज़ियाँ, छाछ और पर्याप्त पानी आहार में शामिल किए जा सकते हैं।

हाँ, लंबे समय तक तनाव रहने से बालों के झड़ने की समस्या बढ़ सकती है।

कुछ मामलों में आयुर्वेद इन्हें बढ़ी हुई गर्मी और पित्त से जोड़कर देखता है।

बहुत ज़्यादा मसालेदार भोजन, तला-भुना खाना और पानी कम पीने की आदत से बचना चाहिए।

अगर बाल तेज़ी से झड़ रहे हों, बाल पतले हो रहे हों या समस्या लंबे समय से बनी हुई हो, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।

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