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कम उम्र में कमजोर हो रही हड्डियां? विटामिन D और कैल्शियम की कमी हो सकती है वजह

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

आजकल नौजवानों में शरीर के दर्द और थकान की परेशानी बहुत ज़्यादा देखने को मिल रही है। जो बीमारियाँ पहले बुढ़ापे में आती थीं, वे अब युवाओं को अपनी चपेट में ले रही हैं। कम उम्र में कमज़ोर हो रही हड्डियाँ एक बहुत ही गंभीर समस्या बन गई हैं, थोड़ा सा काम करते ही जोड़ों में भयंकर दर्द होना या चोट लगने पर हड्डी टूट जाना कोई सामान्य बात नहीं है। इसके पीछे हमारी खराब जीवनशैली और सही पोषण का अभाव सबसे बड़ी वजह हैं। समय रहते अगर इस कमज़ोरी पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे चलकर यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी खतरनाक बीमारी का रूप ले सकती है।

शरीर को फौलादी बनाने के लिए कैल्शियम क्यों है ज़रूरी

हमारे शरीर का पूरा ढाँचा हड्डियों पर ही टिका होता है और इन्हें मज़बूत बनाने का सबसे अहम काम कैल्शियम करता है। जब हम अपनी रोज़ाना की डाइट में दूध, दही और पनीर जैसी चीज़ें नहीं खाते हैं, तो शरीर में भारी कैल्शियम की कमी होने लगती है। हमारा शरीर खून में कैल्शियम का स्तर बनाए रखने के लिए सीधा हड्डियों से इसे सोखने लगता है। इसी वजह से हड्डियाँ अंदर से पूरी तरह खोखली और बहुत ज़्यादा कमज़ोर पड़ने लगती हैं। शरीर में होने वाले इस बड़े बदलाव को समझना मुश्किल होता है, लेकिन पीठ या कमर में दर्द रहना इसका सबसे बड़ा संकेत माना जाता है।

विटामिन D और कैल्शियम की कमी का आपस में है गहरा सम्बन्ध 

आप चाहे जितना भी अच्छा और पौष्टिक खाना खा लें, लेकिन अगर आपके शरीर में विटामिन D नहीं है, तो वह सारा खाना एकदम बेकार है। शरीर में कैल्शियम को सोखने और हड्डियों तक पहुँचाने का पूरा काम विटामिन D ही करता है। इसलिए विटामिन D और कैल्शियम की कमी होने की वजह से आपके शरीर की कमज़ोरी हो सकती है। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हम अपना ज़्यादातर समय बंद कमरों या ऑफिस में बिताते हैं, जिससे शरीर को धूप बिल्कुल नहीं मिल पाती। सूरज की रोशनी इस ज़रूरी विटामिन का सबसे बड़ा स्रोत है और इसकी कमी से हमारी माँसपेशियाँ तेज़ी से कमज़ोर होती हैं।

भारी दर्द और थकावट हैं कमज़ोर हड्डियों के सीधे संकेत

हड्डियों की कमज़ोरी अचानक से बिल्कुल नहीं होती, बल्कि शरीर बहुत पहले से इसके संकेत देने लगता है। अगर आप सुबह उठते ही शरीर में भारी अकड़न महसूस करते हैं, तो यह एक बड़ा संकेत है। सीढ़ियाँ चढ़ते समय घुटनों से कटकट की आवाज़ आना या थोड़ा सा काम करते ही माँसपेशियों में भारी दर्द होना इसके बहुत ही आम लक्षण हैं। कई बार कम उम्र में ही कमर दर्द इतनी ज़्यादा बढ़ जाती है कि सीधा खड़ा होना भी काफी मुश्किल लगता है। इसके अलावा नाखून बहुत जल्दी टूटने लगते हैं। अगर आपको अपने शरीर में ये बदलाव दिखें, तो तुरंत चेकअप करवाएँ।

जंक फूड और खराब रूटीन हड्डियों को कर रहा है खोखला

युवाओं में इस खतरनाक बीमारी के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण उनका एकदम गलत खानपान है। आजकल लोग ताज़ा खाना छोड़कर पिज़्ज़ा, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं। कोल्ड ड्रिंक में मौजूद भारी केमिकल शरीर से सारा कैल्शियम बाहर निकाल देते हैं और हड्डियों को पूरी तरह से खोखला कर देते हैं। इसके अलावा जो लोग बहुत ज़्यादा शराब पीते हैं या सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं, उनकी हड्डियाँ समय से पहले ही गलने लगती हैं। व्यायाम बिल्कुल न करना और घंटों तक एक ही जगह बैठे रहने से शरीर की मज़बूती खत्म हो जाती है, इसलिए खराब आदतें छोड़ें।

अपनी डाइट में दूध के साथ ताज़ी सब्ज़ियाँ ज़रूर शामिल करें

हड्डियों को जीवन भर मज़बूत बनाए रखने के लिए आपको अपने खानपान में बहुत ही ज़रूरी बदलाव करने होंगे। अपनी डाइट में गाय या भैंस का ताज़ा दूध, घर का जमाया दही और पनीर ज़रूर शामिल करें। जो लोग वीगन हैं या जिन्हें दूध नहीं पचता, वे सोया मिल्क, टोफू और बादाम का दूध पी सकते हैं। इसके अलावा हरी सब्ज़ियाँ जैसे पालक, ब्रोकली और सरसों का साग कैल्शियम से भरपूर होती हैं। रोज़ाना थोड़े से तिल और चिया के बीज खाने से भी शरीर को भारी ताकत मिलती है और कमज़ोर हड्डियों में दोबारा से एक नई जान आ जाती है।

सुबह की धूप और व्यायाम है हड्डियों की कमज़ोरी का इलाज

खानपान सुधारने के साथ-साथ आपको अपनी जीवनशैली को भी एकदम चुस्त रखना होगा। सूरज की ताज़ा धूप शरीर के लिए विटामिन D का सबसे बेहतरीन स्रोत है। रोज़ाना सुबह कम से कम बीस मिनट तक हल्की धूप में ज़रूर बैठें ताकि शरीर को भरपूर ऊर्जा मिले। इसके साथ ही नियमित रूप से थोड़ा व्यायाम करना बिल्कुल न भूलें। दौड़ लगाना, रस्सी कूदना या वज़न उठाने वाली कसरत करने से हड्डियों पर दबाव पड़ता है और वे अंदर से मज़बूत बनती हैं। अगर आपके खून की जाँच में इन विटामिन्स की भारी कमी आती है, तो बिना देरी किए अपने डॉक्टर से सही सप्लीमेंट्स ज़रूर लें।

आयुर्वेद के इन आसान उपायों से हड्डियों को बनाएँ मज़बूत

आयुर्वेद के अनुसार शरीर में वात दोष बढ़ने से हड्डियाँ कमज़ोर पड़ने लगती हैं। आयुर्वेद में हड्डियों को प्राकृतिक रूप से मज़बूत बनाने के लिए अश्वगंधा का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद बताया गया है। रोज़ रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में थोड़ा अश्वगंधा पाउडर और चुटकी भर हल्दी मिलाकर पिएँ। इसके अलावा रोज़ाना तिल के तेल से शरीर की मालिश करने से माँसपेशियों को ताकत मिलती है और सारा दर्द एकदम दूर हो जाता है।

निष्कर्ष

आज की आधुनिक जीवनशैली में हमारी लापरवाही हमारी सेहत पर भारी पड़ रही है। कम उम्र में कमज़ोर हो रही हड्डियाँ कोई छोटी परेशानी नहीं है, बल्कि यह शरीर में पनप रही एक बड़ी बीमारी का गंभीर संकेत है। शरीर में विटामिन्स और कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए अपने खानपान में तुरंत सुधार करें। रोज़ाना थोड़ा समय सुबह की धूप में ज़रूर बिताएँ और जंक फूड खाने से पूरी तरह बचें। आयुर्वेद के प्राकृतिक उपाय जैसे अश्वगंधा का उपयोग और तिल के तेल की मालिश आपको हमेशा मज़बूत और ऊर्जावान बनाए रखेगी। अगर दर्द ज़्यादा हो, तो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से अपना पूरा चेकअप करवाएँ।

References

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC3591184/

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC3257679/

https://www.osteoporosis.foundation/patients/prevention/vitamin-d

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

आजकल खराब डाइट और धूप न लेने की वजह से युवाओं में हड्डियाँ कमज़ोर होना एक बहुत ही आम समस्या बन गई है।

ज़्यादातर समय घर या ऑफिस के अंदर बिताना और सुबह की ताज़ा धूप बिल्कुल न लेना शरीर में इस ज़रूरी विटामिन की कमी का सबसे बड़ा कारण है।

जी नहीं, शरीर को कैल्शियम पचाने और हड्डियों तक पहुँचाने के लिए विटामिन D की बहुत ज़्यादा ज़रूरत होती है, इसके बिना कैल्शियम बेकार है।

सुबह उठते ही शरीर में भारी अकड़न महसूस होना, सीढ़ियाँ चढ़ते हुए घुटनों से कटकट की आवाज़ आना और कमर में लगातार दर्द रहना इसके सबसे बड़े संकेत हैं।

अपनी डाइट में ताज़ा दूध, घर का दही, पनीर, पालक और ब्रोकली जैसी हरी सब्ज़ियाँ खाने से हड्डियाँ अंदर से बहुत ज़्यादा मज़बूत बनती हैं।

बिल्कुल, कोल्ड ड्रिंक में बहुत सारे हानिकारक केमिकल होते हैं जो हड्डियों से सारा कैल्शियम बाहर खींच लेते हैं और उन्हें पूरी तरह खोखला कर देते हैं।

शरीर में विटामिन D की कमी को पूरी तरह दूर करने के लिए रोज़ाना सुबह कम से कम बीस से पच्चीस मिनट तक हल्की धूप में बैठना बहुत फायदेमंद होता है।

अगर आप दूध नहीं पी सकते, तो आप सोया मिल्क, बादाम का दूध, टोफू और तिल का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिनमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है।

हाँ, दौड़ लगाना, रस्सी कूदना और सही व्यायाम करने से हड्डियों पर अच्छा दबाव पड़ता है, जिससे नई कोशिकाएँ बनती हैं और वे मज़बूत होती हैं।

आयुर्वेद के अनुसार रोज़ाना रात को अश्वगंधा और हल्दी वाला दूध पीना, और तिल के तेल से पूरे शरीर की मालिश करना हड्डियों को मज़बूत बनाने का सबसे असरदार तरीका है।

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