आज की व्यस्त ज़िंदगी में ज़्यादा तनाव और कम नींद लेना एक आम बात हो गई है। पर आपकी यही आदत आपको बीमार भी कर सकती है। ज़्यादा काम, ज़्यादा तनाव आज बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं जिसके चलते रात को देर से सोना भी आम बात हो गयी है।
नींद की कमी और थकान के कारण आपको भी sugar craving यानी शक्कर खाने की चाह ज़्यादा हो सकती है। ऐसा शरीर में आए मानसिक और हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। आयुर्वेद के अनुसार महिलाओं के शरीर में मीठा खाने की तलब वात दोष के असंतुलन और अग्नि (पाचन) कम होने और ऊर्जा की कमी के कारण होती है। कई बार इस craving का कारण PCOS और अनुशासन की कमी भी हो सकता है।
कम नींद शरीर में ghrelin (hunger hormone) को बढ़ाती है, leptin (fullness hormone) को कम करती है, जिससे मीठा खाने पर मानसिक प्रतिक्रिया बढ़ती है। कोर्टिसोल और इंसुलिन के बिगड़ने के कारण शरीर में पेप्टाइड हार्मोन भूख बढ़ता है। थकावट के कारण आपका शरीर तीव्र ऊर्जा की तलाश करता है, जिसकी वजह से आपको sugar craving होती है।
Craving के मुख्य कारण
क्या आपको भी अनियमित दिनचर्या के चलते बार-बार खाने की चाह होती है? इसे ही craving कहते हैं और ये इन कारणों से भी हो सकती है -
- हाइपरइंसुलिनमिया- शरीर में पैंक्रियास इंसुलिन को भारी मात्रा में पंप करता है जिससे सेल्स में ग्लूकोज बढ़ता है और मीठे की क्रेविंग और अचानक भूख लगने का कारण बनता है।
- ज़्यादा कोर्टिसोल- लगातार तनाव में रहने से आपके हार्मोन पूरी तरह से बर्बाद हो जाते हैं। तनाव आपके शरीर में शुगर से बनी ऊर्जा की माँग करता है।
- कमजोर पाचन- धीमी पाचन अग्नि आपको अल्पपोषित बना देती है। खराब पाचन आपके ऊतकों (tissue) को सूखा देता है, जिससे मीठा खाने का मन करता है।
- नींद की कमी- नींद की लगातार कमी आपके भूख हार्मोन को भारी नुकसान पहुंचाती है, जिससे आपको जंक फूड खाने की चाह रहती है।
आयुर्वेदिक मूल कारण
आपकी शुगर क्रेविंग के लिए सिर्फ आप जिम्मेदार नहीं हैं। आयुर्वेद का मानना है महिलाओं में ये क्रेविंग PMS की वजह से भी हो सकती है इसके अलावा क्रेविंग इन कारणों से भी होती है-
- वात का बढ़ना: नींद की कमी, तनाव, अनियमित दिनचर्या या अत्यधिक थकावट के कारण शरीर में वात बढ़ जाता है, जिससे दिमाग पर दबाव पड़ता है और नींद आने में दिक्खत होती है।
- मीठे की तलाश: आयुर्वेद के अनुसार मीठा स्वाद (मधुर रस) वात को शांत करता है, जब एक महिला कम नींद लेती है तब उसका nervous system स्थिरता और आराम चाहता है। इसी कारण मीठा खाने की चाह बढ़ जाती है।
- अग्नि (पाचन अग्नि) में गड़बड़ी: नींद की कमी अग्नि प्रवाह को रोकती है, जिससे अनियमित पाचन (विषम अग्नि) होता है। शरीर कम ऊर्जा की भरपाई के लिए तेज़, तत्काल ईंधन (energy) की तलाश करता है, जो मीठे और कार्बोहाइड्रेट खाने की इच्छा को बढाती है।
- Female Physiology: महिलाओं में, उच्च वात reproductive tissue (अर्तव धातु) और हॉर्मोनल लय को भी प्रभावित करता है, जिससे शरीर थकावट या पीरियड्स के दौरान ज़्यादा ऊर्जा तलाश करता है।
बेहतर नींद के लिए उपाय
क्या आपको भी नींद पूरी करने में दिक्कत होती है ? आयुर्वेद के इन नियमों व उपायों से आप भी बेहतर नींद ले सकते हैं।
- सोने के समय का शेड्यूल बनाएँ: नियमित समय पर बिस्तर पर जाएं और जागें।
- सोने के समय की दिनचर्या बनाएं: अपने दांतों को ब्रश करें, अपना चेहरा धोएं, आरामदायक कपड़े पहनें और कृतज्ञता या प्रार्थना के लिए कुछ समय निकालें।
- गर्म दूध पियें: सोने से पहले गर्म बादाम या गाय का दूध पियें।
- अपने पैरों की मालिश करें: अपनी ऊर्जा को कम करने के लिए अपने पैरों के तलवों (पादाभ्यंग) पर गर्म तिल का तेल मलें।
- स्क्रीन का प्रयोग कम करें: सोने से कम से कम 1 घंटा पहले फोन और तेज रोशनी बंद कर दें।
- पर्याप्त आराम करें: अगले दिन थकान से बचने के लिए कार्बोहाइड्रेट और शुगर की craving को रोकने के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद का लक्ष्य रखें।
Sugar Craving को रोकने के उपाय
अगर आपको भी शुगर क्रेविंग होती है तो यह आयुर्वेदिक उपाय आपके लिए लाभदायक हो सकते हैं-
- संतुलित भोजन खाएँ: मीठे की craving को स्थिर करने और अचानक खाने की चाह को रोकने के लिए खाने में पर्याप्त फाइबर, फैट और प्रोटीन शामिल करें।
- प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचें: ज़्यादा मीठे और प्रसंस्कृत स्नैक्स खाना छोड़ दें, ये पाचन संतुलन को खराब करते हैं।
- हाइड्रेटेड रहें: अपने आंतरिक तंत्र को स्थिर रखने के लिए पूरे दिन पर्याप्त पानी पिएँ।
- पौष्टिक स्नैक्स चुनें: यदि मीठा खाने की इच्छा हो तो ताजे फल, बादाम, अखरोट या सूखे मेवे चुनें।
निष्कर्ष
Sugar Craving सुनने में अच्छा लग सकता है, पर यही क्रेविंग शरीर की बहुत सारी बीमारियों का कारण बनती है। आज के तनावपूर्ण जीवन में नींद की कमी होना आम बात हो गई है। नींद की कमी अनेक रोगों का कारण बनती है। इसी नींद की कमी के कारण महिलाओं में Sugar Craving होती है। इसी क्रेविंग से ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है और दिल और लिवर पर इसका सीधा असर पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार सही तरह से जीवन का पालन करके, संतुलित भोजन करने पर आप स्वस्थ और निरोगी रह सकते हैं। मीठे का ज़्यादा सेवन आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। इस विषय में और ज़्यादा जानने के लिए जीवा आयुर्वेदा से संपर्क करें।













