Diseases Search
Close Button
 
 

Sea Buckthorn क्या है और यह health trend क्यों बन रहा है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

आजकल आप अपना फोन उठाएं और हेल्थ या फिटनेस से जुड़ा कोई भी वीडियो देखें, तो आपको एक नाम बार-बार सुनने को मिलेगा, 'सी बकथॉर्न' (Sea Buckthorn)। इंस्टाग्राम से लेकर हेल्थ ब्लॉग्स तक, हर जगह इसी चमकीले नारंगी फल की चर्चा हो रही है।

अचानक से इस फल ने लोगों का इतना ध्यान क्यों खींच लिया है? क्या यह सच में कोई जादुई फल है, या फिर यह सिर्फ एक नया इंटरनेट ट्रेंड है? आइए समझते हैं कि यह सी बकथॉर्न आखिर है क्या, इसके फायदे क्या हैं और क्या सच में आपको इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए या नहीं। 

सी बकथॉर्न आखिर है क्या और यह कहां मिलता है?

अगर आप कभी लद्दाख, हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड के ऊंचे और ठंडे पहाड़ी इलाकों में गए हैं, तो आपने वहां कंटीली झाड़ियों पर लगे छोटे-छोटे, मोतियों जैसे चमकीले नारंगी रंग के फल देखे होंगे। इन्हीं फलों को सी बकथॉर्न कहा जाता है। लद्दाख में इसे 'लेह बेरी' के नाम से भी जाना जाता है।

यह पौधा इतना खास क्यों है? यह पौधा बहुत मज़बूत होता है। यह माइनस 40 डिग्री की जमा देने वाली ठंड से लेकर तेज धूप और सूखे रेगिस्तान में भी आराम से जिंदा रह सकता है। कुदरत का नियम है कि जो पौधा जितने मुश्किल हालात में पलता है, उसके अंदर बीमारियों से लड़ने की उतनी ही ज़्यादा ताकत आ जाती है। यही ताकत इन छोटे-छोटे फलों के अंदर भर जाती है।

यह फल स्वाद में बहुत ज़्यादा खट्टा होता है। इसलिए लोग इसे सीधे पेड़ से तोड़कर खाने के बजाय इसका जूस, तेल, या पाउडर बनाकर इस्तेमाल करना ज़्यादा पसंद करते हैं।

इस छोटे से फल में आखिर ऐसा क्या है?

अगर सी बकथॉर्न को 'विटामिन और मिनरल्स का खज़ाना' कहा जाए, तो कुछ गलत नहीं होगा। इस छोटे से फल में कुदरत ने इतना कुछ भर दिया है जो शायद ही किसी और फल में एक साथ मिलता हो:

  • विटामिन सी का पावरहाउस: इसमें संतरे और आंवले से भी कई गुना ज़्यादा विटामिन सी होता है।
  • सारे ओमेगा फैटी एसिड (Omega 3, 6, 7 और 9): आपने ओमेगा के लिए अक्सर मछली के तेल या अखरोट का नाम सुना होगा। लेकिन यह दुनिया के उन गिने-चुने फलों में से एक है जिसमें ओमेगा-7 पाया जाता है, जो हमारी स्किन और बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
  • विटामिन ए और ई: आंखों और स्किन की चमक के लिए।
  • ढेर सारे एंटीऑक्सीडेंट्स: यह शरीर को अंदर से साफ करने और पुरानी बीमारियों को दूर रखने का काम करते हैं।

सी बकथॉर्न खाने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं?

अगर आप इसे सही तरीके से अपनी रूटीन में शामिल करते हैं, तो शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं:

  1. बीमारियों से लड़ने की ताकत (इम्यूनिटी): इसमें विटामिन सी बहुत अधिक मात्रा में होता है। विटामिन सी हमारे शरीर के इम्यूनिटी को मज़बूत करता है, जो रोज़़ाना सर्दी, जुकाम और वायरल जैसी बीमारियों से लड़ते हैं। अगर आप बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को काफी मज़बूत बना सकता है।
  2. चेहरे और त्वचा के लिए फायदेमंद: आजकल बाजार में मिलने वाली महंगी क्रीम और सीरम में सी बकथॉर्न के तेल का इस्तेमाल हो रहा है। इसमें मौजूद ओमेगा-7 स्किन की नमी को लॉक कर देता है। यह रूखी त्वचा को अंदर से मुलायम बनाता है, झुर्रियों को कम करने में मदद करता है और चेहरे पर एक नेचुरल चमक लाता है।
  3. दिल की सेहत के लिए अच्छा: इसमें पाए जाने वाले अच्छे फैट्स (ओमेगा एसिड्स) खून की नसों को साफ रखने में मदद करते हैं। यह शरीर में जमे हुए बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने और दिल को सेहतमंद रखने में बहुत अच्छा सपोर्ट देता है।
  4. पेट और पाचन को ठीक रखता है: लगातार बाहर का खाने से या टेंशन से हमारे पेट की अंदरूनी परत में गर्मी या हल्की सूजन आ जाती है। सी बकथॉर्न का रस पेट को अंदर से ठंडक देता है और पाचन को सुधारने में मदद करता है।
  5. आंखों की थकान दूर करता है: आजकल हर कोई पूरा दिन मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन से चिपका रहता है, जिससे आंखें बहुत जल्दी थक जाती हैं। इस फल में गाजर की तरह ही विटामिन ए होता है, जो आंखों की रोशनी और सेहत को सही बनाए रखने में मदद करता है।

क्या हर किसी को सी बकथॉर्न खाना चाहिए?

भले ही यह एकदम नेचुरल फल है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर कोई इसे बिना सोचे-समझे खाना शुरू कर दे।

हर इंसान का शरीर अलग होता है। किसी को यह बहुत सूट कर सकता है, तो किसी को इससे एसिडिटी या एलर्जी हो सकती है। अगर आपको पहले से कोई बड़ी बीमारी है, या आपकी कोई लंबी दवा चल रही है, तो इसे खाने से पहले एक बार डॉक्टर से ज़रूर पूछ लेना चाहिए।

आप इसे कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं?

चूंकि यह फल बहुत खट्टा होता है और हर जगह ताज़ा नहीं मिलता, इसलिए बाजार में यह कई आसान रूपों में आता है:

  • जूस के रूप में: सुबह खाली पेट हल्के गुनगुने पानी में इसका थोड़ा सा जूस मिलाकर पीना बहुत फायदेमंद होता है।
  • पाउडर: इसे आप अपनी स्मूदी या दही में मिलाकर खा सकते हैं।
  • तेल (Oil): इसे आप अपनी रूखी स्किन पर लगा सकते हैं।
  • चाय (Tea): इसकी पत्तियों की चाय भी बहुत रिफ्रेशिंग होती है।

क्या सिर्फ सी बकथॉर्न से हम एकदम फिट हो जाएंगे?

यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है! कोई भी एक फल या जूस आपकी सालों की खराब लाइफस्टाइल को ठीक नहीं कर सकता।

अगर आप रात को 2 बजे तक जाग रहे हैं, दिन भर बाहर का जंक फूड खा रहे हैं, और कोई कसरत नहीं करते, तो सी बकथॉर्न का जूस भी आपके शरीर में कोई जादू नहीं कर पाएगा। यह तभी काम करेगा जब आप घर का अच्छा खाना खाएंगे, अच्छी नींद लेंगे और रोज़ थोड़ी बहुत कसरत करेंगे।

किन लोगों को बिना डॉक्टर से पूछे इसे हाथ भी नहीं लगाना चाहिए?

हालांकि यह आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपाय बेहद फायदेमंद है, लेकिन निम्नलिखित स्थितियों में लोगों को बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका बिल्कुल भी उपयोग नहीं करना चाहिए। 

  • जो महिलाएं प्रेग्नेंट हैं या बच्चे को दूध पिला रही हैं।
  • जिनका ब्लड प्रेशर (BP) अक्सर लो (Low) रहता है।
  • जिन्हें खून पतला करने की दवाइयां चल रही हों।
  • जिनका हाल ही में कोई ऑपरेशन हुआ हो या होने वाला हो।

निष्कर्ष 

सी बकथॉर्न सच में एक बहुत ही कमाल का फल है। कुदरत ने इसमें विटामिन और अच्छे फैट्स भर-भरकर दिए हैं। अगर आप अपनी रोज़मर्रा की भागदौड़ में शरीर को अंदर से थोड़ा एक्स्ट्रा सपोर्ट देना चाहते हैं, अपनी स्किन को अच्छा रखना चाहते हैं और अपनी इम्यूनिटी बढ़ाना चाहते हैं, तो यह एक बहुत अच्छा विकल्प है।

लेकिन याद रखिए, यह कोई 'जादू की छड़ी' नहीं है। अच्छी सेहत का रास्ता हमेशा एक अच्छी डाइट, अच्छी नींद और एक खुशहाल लाइफस्टाइल से होकर ही गुज़रता है। सी बकथॉर्न को अपनी सेहतमंद रूटीन का एक छोटा सा हिस्सा बनाएं, न कि इसी पर पूरी तरह निर्भर हो जाएं।

References

Sea buckthorn bioactive metabolites and their pharmacological potential in digestive diseases - PMC

Research progress of sea buckthorn (Hippophae rhamnoides L.) in prevention and treatment of cardiovascular disease - PMC

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

हाँ, अगर आपको कोई बीमारी नहीं है, तो आप रोज़़ सुबह इसकी थोड़ी सी मात्रा (पैकेट पर लिखी लिमिट के हिसाब से) पानी में मिलाकर पी सकते हैं।

बिल्कुल। इसमें मौजूद ओमेगा-7 और विटामिन ई रूखी त्वचा को खत्म करते हैं और चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करते हैं।

ज़्यादातर एक्सपर्ट्स इसे सुबह खाली पेट पीने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर इसके सभी पोषक तत्वों को आसानी से सोख सके।

यह सीधे तौर पर आपका वजन नहीं घटाता। लेकिन यह आपके पेट को ठीक रखता है, जिससे वजन कंट्रोल करने की आपकी मेहनत (डाइट और कसरत) को थोड़ा सपोर्ट मिल जाता है।

बिना चीनी वाला प्योर सी बकथॉर्न जूस शुगर के मरीज ले सकते हैं, लेकिन अपनी मर्जी से नहीं। एक बार अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछ लें।

छोटे बच्चों को कोई भी सप्लीमेंट या नया जूस देने से पहले उनके बच्चों वाले डॉक्टर (Pediatrician) से सलाह लेना ही सबसे सही और सुरक्षित तरीका है।

वैसे तो यह सुरक्षित है, लेकिन बहुत ज़्यादा पीने से सीने में जलन, पेट खराब होना या दस्त की शिकायत हो सकती है।

अगर आपको बीपी या खून पतला करने की दवाइयां चल रही हैं, तो यह जूस उन दवाइयों के असर को बदल सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर से पूछे इसे न लें।

Top Ayurveda Doctors

Social Timeline

Our Happy Patients

  • Sunita Malik - Knee Pain
  • Abhishek Mal - Diabetes
  • Vidit Aggarwal - Psoriasis
  • Shanti - Sleeping Disorder
  • Ranjana - Arthritis
  • Jyoti - Migraine
  • Renu Lamba - Diabetes
  • Kamla Singh - Bulging Disc
  • Rajesh Kumar - Psoriasis
  • Dhruv Dutta - Diabetes
  • Atharva - Respiratory Disease
  • Amey - Skin Problem
  • Asha - Joint Problem
  • Sanjeeta - Joint Pain
  • A B Mukherjee - Acidity
  • Deepak Sharma - Lower Back Pain
  • Vyjayanti - Pcod
  • Sunil Singh - Thyroid
  • Sarla Gupta - Post Surgery Challenges
  • Syed Masood Ahmed - Osteoarthritis & Bp
Book Free Consultation Call Us