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Gas pain और chest discomfort में फर्क कैसे समझें?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

जैसे ही सीने में दर्द, भारीपन या जलन महसूस होती है, हमारे दिमाग में सबसे पहला खयाल यही आता है,  "कहीं मुझे हार्ट अटैक तो नहीं आ रहा?" यह डर लाजमी भी है क्योंकि दिल की बीमारी कोई छोटी-मोटी बात नहीं है।

लेकिन, राहत की बात यह है कि हर बार सीने में होने वाला दर्द दिल से नहीं जुड़ा होता। कई बार यह दर्द सिर्फ पेट में बनी गैस या पाचन की खराबी की वजह से होता है। गैस का दर्द जब पेट से उठकर सीने की तरफ जाता है, तो वह बिल्कुल हार्ट अटैक जैसा महसूस हो सकता है।

लेकिन इन दोनों के बीच का फर्क समझना बहुत ज़रूरी है। अगर आप गैस को हार्ट अटैक मान लें, तो आप बेवजह घबरा जाएंगे। और अगर आप हार्ट अटैक को 'मामूली गैस' मानकर घर पर ही लेटे रहें, तो यह जानलेवा हो सकता है। 

गैस का दर्द और सीने में भारीपन असल में क्या हैं?

गैस का दर्द: जब हम कुछ ऐसा खा लेते हैं जो ठीक से पचता नहीं, तो हमारे पेट और आंतों में बहुत सारी गैस बनने लगती है। जब यह गैस बाहर नहीं निकल पाती, तो पेट के अंदर एक प्रेशर बनता है। यह हवा पेट से ऊपर की तरफ सीने, गले या कभी-कभी कंधों तक पहुंच जाती है, जिससे सीने में चुभन और दर्द होता है।

सीने में भारीपन: यह कोई एक बीमारी नहीं है, बल्कि एक इशारा है। सीने में भारीपन, जकड़न, खिंचाव या जलन महसूस होना चेस्ट डिसकम्फर्ट कहलाता है। इसका कारण गैस भी हो सकता है, लेकिन यह हार्ट अटैक, फेफड़ों की बीमारी, मांसपेशियों में खिंचाव या एसिडिटी की वजह से भी हो सकता है।

पेट में इतनी गैस आखिर क्यों बनती है? 

गैस बनना शरीर की एक नॉर्मल प्रक्रिया है। लेकिन जब यह लिमिट से ज़्यादा बनने लगे, तो दर्द का कारण बन जाती है। इसके पीछे हमारी कुछ बहुत आम आदतें होती हैं:

  • जल्दबाज़ी में खाना खाना और खाने को ठीक से न चबाना।
  • बहुत ज़्यादा तीखा, मसालेदार और तेल वाला खाना खाना।
  • कोल्ड ड्रिंक्स या सोडा वाली चीजें ज़्यादा पीना।
  • राजमा, छोले, गोभी या कटहल जैसी चीजें खाना, जो पचने में भारी होती हैं।
  • दिन भर कुर्सी पर बैठे रहना और कोई कसरत न करना।
  • बहुत ज़्यादा टेंशन (तनाव) लेना, जिससे हाजमा बिगड़ जाता है।
  • कब्ज रहना (जब पेट साफ नहीं होता, तो पुरानी गैस अंदर ही अंदर दर्द करती है)।

सीने में दर्द और भारीपन के दूसरे कारण क्या हो सकते हैं?

जैसा कि हमने जाना, सीने में दर्द सिर्फ गैस या हार्ट अटैक नहीं होता। इसके कुछ और भी कारण हो सकते हैं, जैसे:

  • बहुत ज़्यादा एसिडिटी होना (जब पेट का एसिड गले तक आ जाता है)।
  • सर्दी-खांसी या फेफड़ों में इन्फेक्शन होना।
  • जिम में या कोई भारी सामान उठाते वक्त सीने की किसी नस या मांसपेशी का खिंच जाना।
  • पैनिक अटैक (जब इंसान अचानक से बहुत ज़्यादा डर जाता है या घबरा जाता है)।

गैस के दर्द और हार्ट अटैक के दर्द में असली फर्क क्या है?

इसे समझना सबसे ज़्यादा जरूरी है। आप इन तीन बातों से फर्क महसूस कर सकते हैं:

दर्द कहाँ हो रहा है?

  • गैस का दर्द: यह अक्सर पेट के ऊपरी हिस्से से शुरू होता है और ऊपर सीने की तरफ जाता है। गैस का दर्द अपनी जगह बदलता रहता है। कभी सीने के बीच में होगा, तो कभी साइड में।
  • दिल का दर्द: हार्ट का दर्द अक्सर सीने के बिल्कुल बीचों-बीच या हल्के बाएं तरफ होता है। यह दर्द सीने से निकलकर बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ की तरफ फैलता हुआ महसूस होता है।

दर्द कैसा महसूस हो रहा है?

  • गैस का दर्द: यह चुभन वाला दर्द होता है, जैसे अंदर से कोई सुई चुभो रहा हो। पेट फूला हुआ और टाइट लगता है। अक्सर जोर से डकार आने, पाद (गैस पास होने) या टॉयलेट जाने के बाद इस दर्द में तुरंत आराम मिल जाता है।
  • दिल का दर्द: हार्ट अटैक का दर्द चुभने वाला नहीं होता। ऐसा लगता है जैसे सीने पर किसी ने बहुत भारी पत्थर रख दिया हो या कोई सीने को अंदर से निचोड़ रहा हो। डकार आने या करवट बदलने से इस दर्द में कोई आराम नहीं मिलता।

दर्द के साथ और क्या हो रहा है?

  • गैस के लक्षण: दर्द के साथ पेट में गुड़गुड़ होना, बार-बार डकार आना, पेट का फूलना और खट्टी डकारें आना गैस की निशानी है।
  • हार्ट अटैक के लक्षण: अगर सीने में भारीपन के साथ आपको अचानक से ठंडा पसीना आने लगे, सांस लेने में बहुत दिक्कत हो, चक्कर आएं, उल्टी जैसा मन हो और एकदम से जान निकलने जैसी कमजोरी लगे, तो यह हार्ट अटैक का पक्का इशारा है।

इन लक्षणों को कभी 'गैस' समझकर इग्नोर न करें

अगर आपको या आपके घर में किसी को सीने में दर्द है, तो कुछ बातों को बिल्कुल नज़रअंदाज़ न करें:

  • अगर दर्द लगातार 10 से 15 मिनट से ज़्यादा बना हुआ है।
  • अगर दर्द बाएं हाथ, गर्दन या पीठ की तरफ जा रहा है।
  • अगर दर्द के साथ पूरा शरीर ठंडे पसीने से भीग गया है।
  • अगर अचानक से सांस उखड़ने लगे और बात करना मुश्किल हो जाए।

आयुर्वेद गैस के इस दर्द को कैसे समझता है?

आयुर्वेद में गैस की समस्या को 'वात' (हवा) दोष का बिगड़ना कहा जाता है। जब आप गलत टाइम पर खाते हैं या बहुत भारी खाना खाते हैं, तो पेट की 'अग्नि' (पाचन शक्ति) सुस्त पड़ जाती है।

खाना पचने के बजाय पेट में सड़ने लगता है और बहुत सारी गैसें बनती हैं। यही बिगड़ी हुई हवा जब शरीर में ऊपर की तरफ उठती है, तो सीने और सिर में दर्द करती है। आयुर्वेद कहता है कि सिर्फ गैस की गोली खाने से काम नहीं चलेगा, आपको अपने पेट की अग्नि को ठीक करना होगा।

गैस के दर्द से कैसे बचें और क्या करें?

अगर आपको अक्सर सीने में गैस का दर्द होता है, तो अपनी दिनचर्या में ये छोटे बदलाव करें:

  • चबा-चबाकर खाएं: खाने को इतना चबाएं कि वह मुंह में ही पानी बन जाए। जल्दबाजी में हवा भी पेट में चली जाती है।
  • खाना खाने के बाद टहलें: खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न लेटें। कम से कम 15-20 मिनट हल्की वॉक जरूर करें।
  • थोड़ा-थोड़ा खाएं: एक ही बार में गले तक खाना खाने से बचें। पेट को थोड़ा खाली रखें।
  • पानी खूब पिएं: दिन भर में अच्छा पानी पीने से कब्ज नहीं होता और गैस आसानी से पास हो जाती है।
  • अजवाइन और हींग: अगर बहुत तेज गैस बन रही है, तो चुटकी भर अजवाइन और काला नमक हल्के गर्म पानी के साथ फांक लें, तुरंत आराम मिलेगा।

आपकी कौन सी आदतें दोनों बीमारियों (गैस और हार्ट अटैक) का खतरा बढ़ाती हैं?

हम दिन भर में अनजाने में कई ऐसे काम करते हैं जो हमारे हाजमे और दिल, दोनों को खराब करते हैं:

  • लगातार सिगरेट और शराब पीना।
  • रात को बहुत देर तक खाना खाना और खाते ही सो जाना।
  • पूरा दिन सोफे या कुर्सी पर बैठे रहना (कोई फिजिकल एक्टिविटी न होना)।
  • बहुत ज़्यादा मोटापा बढ़ना।
  • बाहर का पैकेट बंद, बहुत मीठा और तला-भुना खाना (जंक फूड)।
  • हमेशा टेंशन और गुस्से में रहना।

डॉक्टर के पास तुरंत कब जाना चाहिए?

अगर आपको पहली बार सीने में बहुत तेज दर्द उठा है, और आपको समझ नहीं आ रहा कि यह गैस है या कुछ और, तो खुद डॉक्टर न बनें। तुरंत अस्पताल जाएं और ईसीजी (ECG) करवाएं। तसल्ली कर लेना हमेशा पछताने से बेहतर होता है।

अगर आपको अक्सर गैस बनती है, आपका वजन बिना डाइटिंग के कम हो रहा है, या पॉटी के रास्ते खून आ रहा है, तब भी किसी अच्छे पेट के डॉक्टर (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) को जरूर दिखाएं।

निष्कर्ष

गैस का दर्द और हार्ट अटैक का दर्द, दोनों सीने में होते हैं, लेकिन दोनों की कहानी बिल्कुल अलग है। गैस का दर्द आपकी खराब डाइट का नतीजा है, जो टॉयलेट जाने या डकार आने से ठीक हो जाता है। लेकिन हार्ट अटैक का दर्द आपकी जान ले सकता है।

इसलिए, अपने शरीर के इशारों को ध्यान से सुनें। अगर सीने के दर्द के साथ घबराहट, ठंडा पसीना या सांस फूलने जैसी दिक्कत हो रही है, तो इसे 'थोड़ी सी गैस' मानकर समय बिल्कुल बर्बाद न करें। सही समय पर लिया गया सही फैसला और डॉक्टर की मदद ही आपको हमेशा सुरक्षित रख सकती हैं।

References

Symptoms & Causes of Gas in the Digestive Tract - NIDDK

The role of intestinal gas in functional abdominal pain - PubMed

Abdominal pain: MedlinePlus Medical Encyclopedia

Treatment for Gas in the Digestive Tract - NIDDK

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

हाँ। लंबे समय तक खाली पेट रहने से पेट में एसिड बढ़ सकता है और पाचन गड़बड़ा सकता है। इससे गैस बनने की संभावना बढ़ जाती है, जो कुछ लोगों में सीने तक दर्द या जलन जैसा एहसास करा सकती है।

जरूरी नहीं। डकार आने से राहत मिलना अक्सर गैस या एसिडिटी की ओर इशारा करता है, लेकिन अगर दर्द बार-बार हो रहा है, बहुत तेज है या अन्य गंभीर लक्षण भी मौजूद हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

हाँ। देर रात भारी भोजन करने, खाना खाते ही लेट जाने या पाचन धीमा होने की वजह से रात में गैस और सीने में असहजता अधिक महसूस हो सकती है।

हाँ। तनाव पाचन प्रक्रिया को प्रभावित करता है, जिससे गैस, पेट फूलना और एसिडिटी बढ़ सकती है। साथ ही कुछ लोगों में तनाव के कारण सीने में जकड़न या घबराहट भी महसूस हो सकती है।

हल्की गैस होने पर टहलने से अक्सर आराम मिलता है। लेकिन अगर तेज दर्द व्यायाम या सीढ़ियां चढ़ने पर बढ़ता है और आराम करने पर कम होता है, तो यह हृदय संबंधी समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में जांच कराना जरूरी है।

हाँ। गैस की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। हालांकि बुजुर्गों में सीने के दर्द को केवल गैस मान लेना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि उनमें हृदय रोग का खतरा अधिक हो सकता है।

नहीं। बिना कारण जाने बार-बार गैस की दवा लेना सही नहीं माना जाता। यदि समस्या बार-बार हो रही है, तो इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

नहीं। गैस और एसिडिटी अलग समस्याएं हैं, हालांकि दोनों साथ हो सकती हैं। गैस में पेट में हवा भरने और फूलने की शिकायत होती है, जबकि एसिडिटी में सीने या गले में जलन और खट्टे डकार अधिक आम हैं।

अगर दर्द हल्का है और गैस से जुड़ा लगता है, तब भी सावधानी रखें। लेकिन यदि दर्द अचानक शुरू हुआ है, बहुत तेज है, 10–15 मिनट से अधिक बना रहता है या उसके साथ सांस फूलना, ठंडा पसीना या चक्कर जैसे लक्षण हों, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

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