क्या सुबह उठते ही जब आप देखते है की आपका फोन नोटिफिकेशन से भर जाता है जैसे कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम किसने कितना लाइक करा है,क्या मार्केट में नया आया है, क्या शॉपिंग का नोटिफिकेशन आया है, किसका कॉल आया है ,किसका मैसेज आया है और आप इन चीज़ो को देखने के चक्कर में सारा दिमाग अपना वही लगा देते हैं| यह बात सिर्फ सुबह की नहीं है यह बात सारे दिन की है ,जिससे हमारा दिमाग एक काम से दूसरे काम पर शिफ्ट होता है पूरे चांसेस है की आपको की मेंटल फटिक हो सकता है आपकी मानसिक शांति पर बहुत ज्यादा फर्क आ सकता है और इसी के साथ-साथ आपकी दिन भर की छोटी-छोटी नोटिफिकेशंस आपकी मानसिक थकान को और भी ज्यादा बढ़ा सकती है|
छोटी-छोटी Notification, इंट्रप्शन आपकी मानसिक थकान को और भी ज्यादा बढ़ा सकती है
कई बार व्यक्ति को लगता है ,कि उसने पूरे दिन कोई बहुत कठिन काम नहीं किया है ,फिर भी शाम तक दिमाग में भारी चिड़चिड़ापन या बिल्कुल खाली सा महसूस क्यों हो रहा है इसकी वजह लगातार मिलने वाले डिजिटल अलर्ट भी हो सकते हैं , जिनकी वजह से आपका दिमाग थोड़ा शांत या धीमा हो सकता है, हर नोटिफिकेशन का मतलब जरूरी काम नहीं होता फिर भी नोटिफिकेशन की आवाज ,वाइब्रेशन या स्क्रीन पर दीखता छोटा सा पाप-अप आपका ध्यान अपने और खींच लेता है|
आप मैसेज खोलें या ना खोले लेकिन आपका दिमाग में एक बार के लिए आता है ,कि क्या नोटिफिकेशन आया है आपके दिमाग में वह बात चलती रहती है |
तो ऐसे सोचना ही आपके लिए दिमाग में एक tensed माहौल बन जाता है जिसकी वजह से आपका सोच विचार का बार बार वही जाता है , जिसकी वजह से आपको स्ट्रेस,over thinking हो सकता है|अतार्थ दिमाग की curiosity आपके लिए थोड़ा बेचैन करने वाली हो सकती है|
Mental fatigue के कौन से संकेत दिख सकते हैं
लगातार नोटिफिकेशन से होने वाली डिजिटल distraction हर व्यक्ति में अलग-अलग तरह से महसूस हो सकती है कुछ सामान्य संकेत है इस प्रकार है
- छोटी बातों पर irritate होना
- किसी काम पर लंबे समय तक ध्यान नहीं लगता
- लगातार बार-बार फोन चेक करने की इच्छा
- काम शुरू करने से बाद जल्दी डिस्ट्रक्ट होना
- पढ़ते समय बार-बार वही लाइन पढ़ना
- शाम को दिमाग का भारी महसूस होना
- बिना ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी के थकान लगना
- आराम करते समय भी मन busy रहना
इस आदत को कैसे ठीक कर सकते हैं?
वैसे तो हमे फ़ोन को इस्तेमाल करने से बचना चाइये ,लेकिन आज का दौर ऐसा है की हम इससे बिलकुल skip भी नहीं कर सकते लेकिन हम यह कोशिश कर सकते है की इससे कम किआ जा सके |
जितना हो सके काम करते समय फ़ोन का इस्तेमाल न करे
अपने आप को physical activities में लगाए रखे
जरूरी notification का ध्यान दे बस
रात में notification सिमित रखे और जल्दी सोये |
जितना हो सके सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम करे इसका ज्यादा इस्तेमाल आपको विचलित कर सकता है
अगर आप कोई काम या नौकरी नहीं करते तो, घरलू काम में व्यस्त रहे कॉल करने के लिए ही फ़ोन का इस्तेमाल करे
फ्री टाइम में किताबें पढ़े
प्रकृति से जुड़े ,धुप ले, ताज़ा हवा में घूम के आये ,थोड़ा हरियाली में शांत बैठे |
अगर आपकी यह आदत सही नहीं होती तो क्या होगा ?
वैसे तो मानसिक दिक्कत होना एक चिंताजनक बात है लेकिन अगर आप अपनी स्तिथि को ठीक नहीं कर पाते है तो आपको ये बीमारियाँ हो सकती है
- Depression
- Anxiety
- Insomia
- Chronic fatigue
- Stress hormone cortisol का बढ़ना जिससे आपको weight gain, high BP, sleep disturbance, diabetes etc हो सकता है |
अगर आपको इनमे से एक भी समस्या का संकेत लग रहा है ,तो आपको तुरंत की किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श लेने की आवश्यकता है |और ध्यान दे सिर्फ दवाई लेके या आराम करके यह आदत नहीं जाएगी आपको अपनी जीवनशैली में बदलाब करना पड़ेगा तभी आपको थोड़ा आराम महसूस होना स्टार्ट हो सकता है|
निष्कर्ष
इस ब्लॉग में दी गयी जानकारी केबल सामान्य ज्ञान और सुचना उद्देश्य के लिए है ,अगर आपको ऊपर दिए गए लक्षण हो रहे तो पहले घरेलू उपाए और दी गयी जानकारी के अनुसार थोड़ा सुधार करने की कोशिश करे , अगर आपको फिर भी समज में न आये तो, फिर किसी अच्छे ,अनुभवी डॉक्टर को दिखाए क्योंकि कई बार बीमारी की जड़ अलग होती है और लक्षण same हो सकते है| ,आज हमारे यहाँ आप संपर्क कर सकते है और अपनी मॉनसिक और शारीरिक स्थिति बता के परामर्श ले सकते है |
References
Fatigue: MedlinePlus Medical Encyclopedia
Mobile mental health care - an opportunity for India - Indian Journal of Medical Research Smartphones, Social Media, and Their Impact on Mental Health | Columbia University Department of Psychiatry









