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सोरायसिस के लक्षण अचानक बढ़ जाएं तो क्या करें? डॉक्टर ने दी ज़रूरी सलाह

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

सोरायसिस त्वचा की एक ऐसी गंभीर परेशानी है, जिसमें त्वचा पर लाल चकत्ते और पपड़ीदार धब्बे बन जाते हैं। यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, यानी हमारा ही इम्यून सिस्टम त्वचा की कोशिकाओं को बहुत तेज़ी से बढ़ाने लगता है। कई बार मौसम में अचानक बदलाव, बहुत ज़्यादा सर्दी, भारी मानसिक तनाव या किसी तरह के अंदरूनी इन्फेक्शन की वजह से इसके लक्षण बहुत तेज़ी से उभरने लगते हैं। जब यह अचानक से बढ़ता है, तो त्वचा में बहुत ही भयंकर खुजली और जलन होने लगती है। ऐसे समय में बिल्कुल भी घबराना नहीं चाहिए, बल्कि सही और सुरक्षित कदम उठाने चाहिए ताकि त्वचा को कोई भी बड़ा नुकसान न हो।

सोरायसिस के लक्षण अचानक बढ़ जाएं तो क्या करें?

अगर आप लगातार यही सोच रहे हैं कि सोरायसिस के लक्षण अचानक बढ़ जाएं तो क्या करें? तो सबसे पहले अपनी त्वचा को शांत करने की पूरी कोशिश करें। एकदम से बहुत ज़्यादा गर्म पानी से नहाना पूरी तरह बंद कर दें, क्योंकि यह आपकी त्वचा को और भी ज़्यादा रूखा बना देगा। नहाने के लिए हमेशा हल्के गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें और नहाने के तुरंत बाद त्वचा पर खूब सारा मॉइस्चराइज़र लगाएँ। सूती और एकदम ढीले कपड़े पहनें ताकि कपड़े त्वचा से न रगड़ें। इस समय कोई भी नया साबुन या खुशबूदार क्रीम लगाने की बड़ी गलती बिल्कुल भी न करें।

Expert ने दी ज़रूरी सलाह और सही इलाज का चुनाव

इस बीमारी में खुद से अपना इलाज करना आपको बहुत भारी पड़ सकता है। इसीलिए डॉक्टर ने दी ज़रूरी सलाह का पूरी तरह पालन करना आपके लिए सबसे अहम कदम है। जब लक्षण बेकाबू हो जाएँ और घरेलू उपायों से बिल्कुल आराम न मिले, तो तुरंत किसी अच्छे त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास जाएँ। डॉक्टर आपकी हालत देखकर आपको सही मलहम या खाने वाली दवाइयाँ देंगे। कई बार डॉक्टर लाइट थेरेपी की सलाह भी देते हैं, जो इस बीमारी में बहुत ज़्यादा असरदार होती है। डॉक्टर की दी हुई दवा का पूरा कोर्स करें और बीच में इलाज बिल्कुल न छोड़ें।

त्वचा की प्राकृतिक नमी बनाए रखना है सबसे ज़रूरी कदम

इस बीमारी में त्वचा का सूखापन ही आपका सबसे बड़ा दुश्मन होता है। जब भी लक्षण बहुत तेज़ी से बढ़ने लगें, तो अपनी त्वचा की नमी को किसी भी तरह कम न होने दें। दिन में कम से कम तीन से चार बार गाढ़ा मॉइस्चराइज़र या नारियल का तेल अपनी त्वचा पर लगाएँ। अगर त्वचा अंदर से नम रहेगी, तो लाल धब्बे और पपड़ी कम होने लगेगी और आपको भारी खुजली से बहुत आराम मिलेगा। बाज़ार में मिलने वाले केमिकल वाले लोशन से पूरी तरह बचें और सिर्फ प्राकृतिक चीज़ों का ही ज़्यादा इस्तेमाल करें। दिन भर में खूब पानी पिएँ ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।

तनाव और घबराहट से खुद को दूर रखना क्यों है बहुत ज़रूरी

मानसिक तनाव और घबराहट सोरायसिस को भड़काने का बहुत बड़ा कारण माने जाते हैं। जब आप अपनी त्वचा की इस खराब हालत को देखकर भारी तनाव में आ जाते हैं, तो शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन बनते हैं जो बीमारी को और भी ज़्यादा भड़का देते हैं। इसलिए जब लक्षण तेज़ी से बढ़ें, तो दिमाग को एकदम शांत रखना बहुत ज़रूरी है। आप रोज़ाना ध्यान (मेडिटेशन) करें, लंबी साँसें लें और खुद को खुश रखने की पूरी कोशिश करें। तनाव कम होने से आपकी त्वचा बहुत जल्दी रिकवर करने लगेगी और आपको इस भारी परेशानी से तुरंत बड़ी राहत महसूस होगी।

बीमारी के ट्रिगर्स को पहचानें और खानपान में तुरंत बदलाव करें

अपने ट्रिगर्स को पहचानना बहुत ज़रूरी है। कई बार हमारा खराब खानपान भी लक्षणों को अचानक बढ़ा देता है। अगर बीमारी बढ़ गई है, तो तुरंत बाहर का जंक फूड, बहुत ज़्यादा मसालेदार खाना और मीठा खाना पूरी तरह से बंद कर दें। अपनी रोज़ाना की डाइट में ताज़ी हरी सब्ज़ियाँ, ताज़े फल और ओमेगा-3 से भरपूर चीज़ें शामिल करें। अखरोट और अलसी के बीज त्वचा की सूजन को अंदर से कम करने में बहुत फायदा करते हैं। शराब और सिगरेट का इस्तेमाल बिल्कुल भी न करें, क्योंकि यह इम्यून सिस्टम कमज़ोर बनाकर आपकी बीमारी को कई गुना बढ़ा देता है।

खुजली होने पर त्वचा को रगड़ने या नाखून से छीलने से बचें

जब लाल चकत्ते तेज़ी से उभरते हैं, तो उनमें बहुत ही भयंकर खुजली होती है। लेकिन आपको खुजली होने पर त्वचा को रगड़ने या नाखून से छीलने से पूरी तरह बचना चाहिए। अगर आप त्वचा को बहुत ज़्यादा खुजलाते हैं, तो वहाँ गहरे घाव बन जाते हैं और खून निकलने लगता है। इससे नया इन्फेक्शन होने का खतरा बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है और बीमारी भयंकर रूप ले लेती है। खुजली कम करने के लिए आप उस जगह पर बर्फ की हल्की सिकाई कर सकते हैं या ताज़ा एलोवेरा जेल लगा सकते हैं। इससे त्वचा को तुरंत ठंडक मिलेगी।

आयुर्वेद के अनुसार सोरायसिस का कारण और असरदार घरेलू उपाय

आयुर्वेद के अनुसार सोरायसिस शरीर में वात और कफ दोष के बिगड़ने और खून में भारी अशुद्धि होने के कारण होता है। आयुर्वेद में इसे ठीक करने के लिए ताज़े नीम और हल्दी का उपयोग बहुत ही असरदार माना गया है। आप रोज़ाना सुबह खाली पेट नीम के कुछ ताज़े पत्ते चबा सकते हैं। इसके अलावा चकत्तों पर शुद्ध देसी घी या नारियल का तेल लगाने से त्वचा की सूजन और भयंकर खुजली एकदम शांत हो जाती है।

निष्कर्ष

सोरायसिस एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षण कभी भी अचानक से उभर सकते हैं, लेकिन सही जानकारी होने पर आप इसे बहुत ही आसानी से काबू कर सकते हैं। अगर आप मन में सोच रहे हैं कि सोरायसिस के लक्षण अचानक बढ़ जाएं तो क्या करें? तो सबसे पहले अपनी त्वचा को रूखेपन से बचाएँ और तनाव से पूरी तरह दूर रहें। अपने खानपान को एकदम साफ और सेहतमंद रखें। डॉक्टर ने दी ज़रूरी सलाह का हमेशा पालन करें और बिना पूछे कोई भी नई दवा अपनी त्वचा पर न लगाएँ। आयुर्वेद के आसान प्राकृतिक उपाय अपनाकर भी आप अपनी त्वचा को हमेशा शांत, मुलायम और सुरक्षित रख सकते हैं।

References

https://www.who.int/publications-detail-redirect/global-report-on-psoriasis

https://www.niams.nih.gov/health-topics/psoriasis

https://www.healthline.com/health/psoriasis

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

मौसम में अचानक होने वाले बदलाव, बहुत ज़्यादा मानसिक तनाव या गले के किसी इन्फेक्शन की वजह से इसके लक्षण बहुत तेज़ी से बढ़ सकते हैं।

जी नहीं, यह कोई छूत की बीमारी नहीं है। यह ऑटोइम्यून बीमारी है, इसलिए यह मरीज के साथ उठने-बैठने या उसे छूने से बिल्कुल नहीं फैलती है।

 ऐसी हालत में आपको तुरंत नारियल का तेल, ताज़ा एलोवेरा जेल या कोई गाढ़ा और बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइज़र लगाना चाहिए ताकि त्वचा को ठंडक मिले।

बिल्कुल नहीं, खुशबूदार और केमिकल वाले साबुन त्वचा को और भी ज़्यादा रूखा कर देते हैं। आपको सिर्फ हल्के और प्राकृतिक साबुन का ही उपयोग करना चाहिए।

आपको हमेशा सूती (कॉटन) और एकदम ढीले कपड़े पहनने चाहिए ताकि कपड़े आपकी त्वचा से न रगड़ें और आपको चुभन या भारी जलन महसूस न हो।

हाँ, तनाव इस बीमारी का सबसे बड़ा दुश्मन है। जब आप तनाव लेते हैं, तो शरीर में सूजन बढ़ती है जिससे चकत्ते और भी तेज़ी से फैलने लगते हैं।

शुद्ध नारियल का तेल या जैतून का तेल लगाना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह त्वचा को अंदर तक भारी नमी देता है और खुजली कम करता है।

जी हाँ, बाहर का जंक फूड और बहुत ज़्यादा मसालेदार खाना खाने से यह बीमारी भड़क सकती है। आपको अपनी डाइट में हरी सब्ज़ियाँ और फल शामिल करने चाहिए।

अगर चकत्ते पूरे शरीर पर फैलने लगें, उनमें से खून आने लगे या दर्द बर्दाश्त से बाहर हो जाए, तो आपको बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

साफ करने के लिए रोज़ाना नीम के ताज़े पत्ते चबाना और त्वचा पर हल्दी का लेप या देसी घी लगाना बहुत ही फायदा करता है।

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