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चेहरे की लालिमा और एडल्ट एक्ने: क्या आपका 'पित्त' उबल रहा है? कूलिंग हर्ब्स का जादू।

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

बहुत से लोग यह मानते हैं कि मुँहासे केवल किशोरावस्था की समस्या हैं, लेकिन जब 25 या 30 की उम्र के बाद भी चेहरे पर लालिमा और जिद्दी दाने निकलने लगें, तो यह चिंता का विषय बन जाता है। एडल्ट एक्ने या वयस्क मुहासे न केवल आपकी त्वचा की खूबसूरती को प्रभावित करते हैं, बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी कम कर देते हैं। अक्सर लोग इन्हें बाहरी संक्रमण समझकर सख़्त रसायनों का इस्तेमाल करने लगते हैं, जिससे समस्या और ज़्यादा बिगड़ जाती है। समय पर इसका इलाज करना इसलिएबेहद ज़रूरी है क्योंकि यह त्वचा पर स्थायी गड्ढे और काले निशान छोड़ सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह समस्या शरीर के भीतर बढ़ी हुई गर्मी का संकेत है, जिसे सही उपचार से जड़ से खत्म किया जा सकता है।

एडल्ट एक्ने और चेहरे की लालिमा क्या है?

इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझें तो, यह त्वचा की वह स्थिति है जहाँ रोम छिद्रों में तेल, मृत कोशिकाएं और गंदगी जमा हो जाती है। वयस्क मुँहासे किशोरावस्था के मुँहासों से अलग होते हैं क्योंकि ये अक्सर चेहरे के निचले हिस्से, जैसे ठुड्डी और जबड़े की रेखा (Jawline) पर होते हैं। इसके साथ ही चेहरे पर आने वाली लालिमा यह दर्शाती है कि त्वचा के भीतर सूजन है। सरल शब्दों में, यह आपके शरीर का एक तरीका है यह बताने का कि आपके भीतर का तापमान और हार्मोनल संतुलन बिगड़ चुका है।

एडल्ट एक्ने और लालिमा के विभिन्न प्रकार

त्वचा की स्थिति और दानों की बनावट के आधार पर इन्हें इन पाँच श्रेणियों में समझा जा सकता है

कोमेडोनल एक्ने इसमें त्वचा पर छोटे-छोटे सफेद या काले दाने उभर आते हैं।

पैपुलर एक्ने ये छोटे, लाल और उभरे हुए दाने होते हैं जिनमें बहुत ज़्यादा जलन और दर्द महसूस होता है।

पस्टुलर एक्ने इन लाल दानों के ऊपरी हिस्से पर पीला या सफेद मवाद (Pus) दिखाई देता है।

सिस्टिक एक्ने यह सबसे गंभीर प्रकार है जहाँ त्वचा की गहराई में गांठें बन जाती हैं, जो बहुत वक़्त तक ठीक नहीं होतीं।

रोज़ेशिया इसमें चेहरा हमेशा लाल दिखाई देता है और छोटी-छोटी नसें त्वचा की सतह पर साफ़ दिखने लगती हैं।

शरीर में दिखने वाले मुख्य लक्षण

चेहरे पर जलन और गर्मी धूप में जाने या मसालेदार खाना खाने के तुरंत बाद चेहरे का लाल हो जाना और जलन होना।

ठुड्डी और जबड़े पर दाने  वयस्क महिलाओं में विशेष रूप से के आस-पास इन जगहों पर सख़्त दाने निकलना।

त्वचा का अत्यधिक तैलीय होनाचेहरे के टी-ज़ोन (माथा और नाक) पर हर वक़्त तेल जैसा अहसास रहना।

काले और लाल निशान दानों के ठीक होने के बाद भी त्वचा पर हफ्तों तक गहरे धब्बे बने रहना।

त्वचा की संवेदनशीलता सामान्य साबुन या क्रीम लगाने पर भी त्वचा का लाल पड़ जाना या खुजली होना।

एडल्ट एक्ने होने के मुख्य कारण

हार्मोनल बदलाव तनाव या पीरियड्स के दौरान होने वाले बदलाव शरीर में तेल के उत्पादन को तेज़ी से बढ़ा देते हैं।

पित्त दोष का बढ़ना बहुत ज़्यादा मिर्च-मसाले, चाय, कॉफी और शराब का सेवन शरीर में पित्त (गर्मी) बढ़ाता है।

गलत सौंदर्य प्रसाधन रसायनों से भरे मेकअप और क्रीम का इस्तेमाल रोम छिद्रों को बंद कर देता है।

दवाइयों के दुष्प्रभाव स्टेरॉयड्स या कुछ विशेष दवाओं के लंबेवक़्त तक सेवन से त्वचा पर दाने उभर सकते हैं।

पाचन की खराबी पुरानी कब्ज़ या पेट में गर्मी होने से शरीर के टॉक्सिन्स त्वचा के ज़रिए बाहर निकलने की कोशिश करते हैं।

जोखिम बढ़ाने वाले कारण और जटिलताएं

जोखिम बढ़ाने वाले 5 प्रमुख कारण

मानसिक तनाव तनाव कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ाता है, जो मुँहासों को और ज़्यादा भड़काता है।

नींद की कमी रात में देर तक जागने से शरीर की पित्त शांत नहीं हो पाती, जिससे त्वचा खराब होती है।

प्रदूषण धूल और धुएं के कण त्वचा की गहराई में जाकर संक्रमण पैदा करते हैं।

दूध से बनी चीज़ें कुछ लोगों में बहुत ज़्यादा डेयरी उत्पादों का सेवन हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है।

मौसम का प्रभाव अत्यधिक उमस और गर्मी पसीने के ज़रिए बैक्टीरिया को पनपने में मदद करती है।

होने वाली 5 गंभीर जटिलताएं

स्थायी निशान दानों को दबाने या फोड़ने से चेहरे पर गहरे गड्ढे (Scars) बन सकते हैं।

हाइपरपिग्मेंटेशन त्वचा के कुछ हिस्से हमेशा के लिए काले या गहरे भूरे पड़ सकते हैं।

आत्मविश्वास में कमी चेहरे की खराब स्थिति व्यक्ति को सामाजिक आयोजनों से दूर और उदास बना सकती है।

त्वचा का संक्रमण यदि इलाज न किया जाए, तो बैक्टीरिया पूरे चेहरे पर फैलकर गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं।

त्वचा का बूढ़ा होना लगातार बनी रहने वाली सूजन त्वचा के लचीलेपन को खत्म कर उसे समय से पहले बूढ़ा बना देती है।

बीमारी की जाँच कैसे की जाती है?

दृश्य परीक्षण विशेषज्ञ डॉक्टर दानों के आकार, स्थान और लालिमा के पैटर्न की बारीकी सेजाँच करते हैं।

हार्मोनल प्रोफाइल यह देखने के लिए कि क्या मुँहासों का कारण पीसीओडी या थायराइड तो नहीं है।

त्वचा का स्वाब टेस्ट यदि दानों में मवाद है, तो संक्रमण के प्रकार को जानने के लिए यह टेस्ट किया जाता है।

एलर्जी टेस्ट यह पता लगाने के लिए कि क्या किसी विशेष खाद्य पदार्थ या कॉस्मेटिक से त्वचा खराब हो रही है।

पाचन की जाँच डॉक्टर आपकी भूख, नींद और पेट साफ़ होने की आदतों का विश्लेषण करते हैं।

आयुर्वेद में एडल्ट एक्ने पित्त का उबलना

आयुर्वेद में मुँहासों कोमुख दूषिका कहा जाता है। इसे मुख्य रूप सेपित्त औररक्त की अशुद्धि से जोड़कर देखा जाता है

विदूषित रक्त जब शरीर में गर्मी (पित्त) बढ़ती है, तो वह खून को दूषित कर देती है। यह दूषित रक्त चेहरे की कोमल ग्रंथियों में सूजन पैदा करता है।

अग्नि और विष कमज़ोर पाचन के कारण बनने वाला आम (Toxins) जब रक्त में मिलता है, तो वह त्वचा पर लालिमा और दानों के रूप में दिखाई देता है।

पित्त का स्थान चेहरा पित्त का मुख्य स्थान माना जाता है, इसलिए शरीर की सारी आंतरिक गर्मी चेहरे पर ही सबसे पहले झलकती है।

मरीज़ों का अनुभव

नमस्ते, पहले मेरी त्वचा पर बहुत ज्यादा मुंहासे थे। मैं इस समस्या से 15 साल तक परेशान रही। इन स्किन प्रॉब्लम्स की वजह से मेरा आत्मविश्वास भी कम हो गया था। लेकिन फिर मैंने Jiva Ayurveda के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना शुरू किया और अपनी त्वचा के लिए सही आयुर्वेदिक उपचार लिया। अब मैं पहले से ज्यादा आत्मविश्वासी महसूस करती हूँ और मेरी त्वचा भी बहुत अच्छी लगती है। बहुत-बहुत धन्यवाद डॉक्टर और Jiva Ayurveda।

गरिमा कथूरिया
हरियाणा

आधुनिक इलाज बनाम आयुर्वेदिक इलाज

विशेषता आधुनिक इलाज  आयुर्वेदिक इलाज 
दृष्टिकोण मुख्य रूप से एंटी-बायोटिक्स और सख़्त रसायनों (Retinoids) का उपयोग होता है। यह शरीर की आंतरिक गर्मी को शांत करने और रक्त शुद्धि पर काम करता है।
दुष्प्रभाव त्वचा का बहुत ज़्यादा सूख जाना, लाल होना या धूप के प्रति संवेदनशीलता बढ़ना। प्राकृतिक जड़ी-बूटियों पर आधारित, अपेक्षाकृत सुरक्षित और संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करने वाला उपचार।
स्थायित्व दवा बंद करने के बाद समस्या अक्सर दोबारा लौट आती है। जड़ से इलाज होने के कारण परिणाम अधिक स्थायी और प्रभावी होते हैं।

डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

  •  यदि मुँहासे बहुत ज़्यादा दर्दनाक हों और उनमें गांठें बन रही हों।
  •  यदि घरेलू नुस्खों से लालिमा कम होने के बजाय बढ़ रही हो।
  •  यदि दानों के कारण चेहरे पर निशान या गड्ढे पड़ने शुरू हो गए हों।
  •  यदि मुँहासों के साथ-साथ पीरियड्स में अनियमितता या बहुत थकान महसूस हो।

निष्कर्ष

चेहरे की लालिमा और एडल्ट एक्ने केवल सुंदरता की समस्या नहीं हैं, बल्कि यह आपके शरीर की पुकार है कि उसे शांति और शीतलता कीज़रूरत है। रसायनों के पीछे भागने के बजाय अपनी जीवनशैली और आहार में बदलाव लाएं। आयुर्वेद काहोलिस्टिक हीलिंग दृष्टिकोण आपके पित्त को संतुलित कर आपको न केवल साफ़ त्वचा देगा, बल्कि एक नईज़िंदगी और आत्मविश्वास भी प्रदान करेगा।

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

हाँ, सही आयुर्वेदिक उपचार और पित्त को संतुलित करने वाले आहार से इन्हें जड़ से खत्म किया जा सकता है।

जी हाँ, तनाव शरीर की गर्मी बढ़ाता है जो एडल्ट एक्ने का मुख्य कारण बनता है।

बिल्कुल नहीं! ऐसा करने से संक्रमण बढ़ सकता है और स्थायी निशान पड़ सकते हैं।

आमतौर पर 2 से 4 महीनों में त्वचा में ज़्यादा सुधार दिखाई देने लगता है।

हाँ, गुलाब जल की तासीर ठंडी होती है जो पित्त को शांत करने में मदद करती है।

हाँ, सूर्य की गर्मी पित्त को भड़काती है जिससे चेहरे की लालिमा और जलन बढ़ जाती है।

नहीं, हार्मोनल असंतुलन और रक्त की अशुद्धि भी उतने ही ज़िम्मेदार हैं।

हाँ, आंवला पित्त नाशक है और त्वचा की चमक बढ़ाने में बहुत फ़ायदा पहुँचाता है।

नीम का तेल बहुत तेज़ होता है, इसे किसी करियर ऑयल के साथ मिलाकर लगाना बेहतर है।

जीवा आपको आपकी प्रकृति के अनुसार कस्टमाइज़्ड दवाइयाँ और डाइट प्लान देता है जो पित्त को जड़ से संतुलित करते हैं।

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