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Hair fall women में hormonal imbalance से जुड़ सकता है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि बाल झड़ने का कारण पानी का खराब होना या गलत शैंपू का इस्तेमाल है। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि जब आपके पीरियड्स आगे-पीछे होते हैं या आप बहुत ज़्यादा तनाव में होती हैं, तो कंघी करते समय बाल गुच्छों में टूटने लगते हैं। असल में हमारे शरीर के हॉर्मोन और बालों की जड़ों का बहुत गहरा नाता होता है। जब शरीर के अंदर हॉर्मोन का संतुलन बिगड़ता है, तो इसका सीधा असर बालों की ग्रोथ पर पड़ता है। सिर्फ तेल या महंगे शैंपू लगा लेने से यह समस्या जड़ से खत्म नहीं होती। जब तक आप अपने शरीर के अंदर की उलझन को नहीं सुलझातीं, बाल झड़ना नहीं रुकेंगे। यह समझना बहुत ज़रूरी है कि यह कोई आम हेयर फॉल नहीं है, बल्कि आपके शरीर का यह बताने का तरीका है कि अंदर कुछ गड़बड़ चल रही है।

हॉर्मोन के बिगड़ने से बाल क्यों टूटने लगते हैं

महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन नाम के हॉर्मोन बालों को लंबा और घना बनाए रखने का काम करते हैं। जब किसी वजह से इन हॉर्मोन की कमी हो जाती है और शरीर में पुरुषों वाले हॉर्मोन की मात्रा बढ़ने लगती है, तो बालों की जड़ें कमज़ोर हो जाती हैं। इस स्थिति में बालों को सही पोषण नहीं मिल पाता और वे पतले होकर टूटने लगते हैं। नए बाल उगने की रफ्तार एकदम धीमी हो जाती है और सिर में जगह-जगह से बाल कम होने लगते हैं।

Expert की सलाह

अक्सर हम बाल झड़ने के लिए खराब पानी या शैंपू को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन क्या आपने गौर किया है कि पीरियड्स की अनियमितता या स्ट्रेस के समय बाल गुच्छों में क्यों टूटते हैं? Experts का मानना है कि हेयर फॉल अक्सर शरीर के अंदरूनी हॉर्मोनल असंतुलन का एक संकेत होता है।

अगर आपके शरीर में हॉर्मोन ऊपर-नीचे हो रहे हैं, तो सिर्फ बाहर से तेल या महंगे प्रोडक्ट्स लगाने से बाल नहीं रुकेंगे। जब तक आप अपने शरीर के अंदरूनी 'मिज़ाज' को शांत नहीं करतीं और पोषण पर ध्यान नहीं देतीं, समस्या बनी रहेगी। सही डाइट, भरपूर नींद और अपनी प्रकृति के अनुसार जीवनशैली अपनाकर ही आप बालों की जड़ों को फिर से मज़बूत बना सकती हैं। याद रखिए, बाल आपकी अंदरूनी सेहत का आईना हैं—उन्हें ऊपर से नहीं, अंदर से संवारिए!

क्या हर बार बालों के गिरने की वजह शैंपू ही होता है

कई बार आप सबसे अच्छा और महंगा शैंपू इस्तेमाल करती हैं, फिर भी आपके बाल लगातार झड़ते रहते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि समस्या आपके बालों के ऊपर नहीं, बल्कि आपके शरीर के अंदर चल रही है। अगर आप लगातार गलत खानपान ले रही हैं, नींद पूरी नहीं कर रही हैं या आपको पीरियड्स की कोई समस्या है, तो वह महंगा शैंपू भी कोई फायदा नहीं करेगा। बाल अंदर से कमज़ोर होते हैं और ज़रा सा हाथ लगाने पर ही टूट जाते हैं।

हॉर्मोन में गड़बड़ी से बालों पर क्या असर पड़ता है

जब महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन ऊपर-नीचे होते हैं, तो बालों में कई बदलाव एक साथ देखने को मिलते हैं:

  • बालों का पतला होना: बाल अपनी मोटाई खो देते हैं और एकदम बेजान लगने लगते हैं।
  • मांग का चौड़ा होना: सिर के बीच से बाल कम होने लगते हैं और मांग बहुत चौड़ी दिखने लगती है।
  • बालों का रूखापन: सिर की त्वचा बहुत ज़्यादा सूखी या बहुत ज़्यादा चिपचिपी हो जाती है, जिससे जड़ें खराब होती हैं।
  • ग्रोथ रुक जाना: बाल झड़ने के बाद उस जगह पर नए बाल उगने में बहुत ज़्यादा समय लगने लगता है।

क्या लगातार बाल झड़ना किसी बड़ी बीमारी का इशारा है

अगर आपके बाल रोज़ाना बहुत ज़्यादा झड़ रहे हैं और साथ ही चेहरे पर मुहांसे या अनचाहे बाल आ रहे हैं, तो इसे बिल्कुल नज़रअंदाज़ न करें। यह शरीर में चल रही किसी बड़ी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है:

  • पीसीओडी या पीसीओएस: यह महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है जिसमें ओवरी में गांठे बन जाती हैं और हॉर्मोन पूरी तरह बिगड़ जाते हैं।
  • थायरॉयड की समस्या: थायरॉयड ग्रंथि अगर सही से काम न करे, तो बाल बहुत तेज़ी से झड़ने लगते हैं।
  • उम्र का बढ़ना: बढ़ती उम्र के साथ जब पीरियड्स बंद होने वाले होते हैं, तब भी हॉर्मोन में भारी बदलाव होता है और बाल झड़ते हैं।
  • शुगर का बढ़ना: शरीर में शुगर कंट्रोल करने वाले हॉर्मोन के बिगड़ने से भी बालों पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

आयुर्वेद के नज़रिए से बाल झड़ने और हॉर्मोन का कनेक्शन

आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ ये तीन मुख्य दोष होते हैं। जब शरीर में गर्मी यानी पित्त बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है, तो बालों की जड़ों को नुकसान पहुँचता है। हॉर्मोन बिगड़ने का सीधा मतलब है कि शरीर का पित्त और वात असंतुलित हो गया है। इसी बेकाबू गर्मी की वजह से बालों की जड़ें जलने लगती हैं और बाल झड़ते हैं। आयुर्वेद का मानना है कि जब तक आप अपने शरीर की गर्मी को शांत नहीं करेंगी और खून को साफ नहीं करेंगी, तब तक बाल गिरना बंद नहीं होंगे।

बाल झड़ने से रोकने वाली कुछ असरदार जड़ी-बूटियाँ

प्रकृति ने हमें ऐसी कई बेहतरीन चीज़ें दी हैं जो हॉर्मोन को सही करती हैं और बालों को भी बचाती हैं:

  • आंवला: यह पेट और खून की गर्मी को कम करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, जिससे बालों की जड़ें मज़बूत होती हैं।
  • शतावरी: महिलाओं के हॉर्मोन को संतुलित करने के लिए यह सबसे जानी-मानी जड़ी-बूटी है। यह शरीर को अंदर से ताक़त देती है।
  • भृंगराज: इसे बालों का राजा कहा जाता है। यह सीधे बालों की जड़ों पर काम करता है और नए बाल उगाने में मदद करता है।
  • ब्राह्मी: यह तनाव और दिमाग की थकावट को दूर करती है, जिससे स्ट्रेस के कारण झड़ने वाले बाल रुकते हैं।

क्या बहुत ज़्यादा टेंशन लेने से भी बाल गिरते हैं

आप जितना ज़्यादा सोचती हैं या परेशान रहती हैं, आपका शरीर उतना ही थकता है। तनाव होने पर शरीर में तनाव वाला हॉर्मोन बढ़ जाता है। यह बढ़ा हुआ हॉर्मोन बालों को बढ़ने वाली स्थिति से निकालकर सीधे झड़ने वाली स्थिति में धकेल देता है। जब आपके दिमाग को आराम नहीं मिलता, तो बालों की जड़ों तक सही मात्रा में खून और पोषण नहीं पहुँच पाता। इसी वजह से कई बार किसी बड़े सदमे या लंबी बीमारी के बाद अचानक से बहुत सारे बाल झड़ने लगते हैं।

रोज़मर्रा की वो गलतियां जो बालों का झड़ना बढ़ा देती हैं

हम अक्सर जाने-अनजाने में कुछ ऐसा कर देते हैं जो हमारी परेशानी को दोगुना कर देता है:

  • गीले बालों में कंघी करना: पानी से भीगने के बाद बाल कमज़ोर होते हैं और कंघी करने से जड़ से खींचकर टूटते हैं।
  • बालों पर हीट का ज़्यादा उपयोग: बालों को सीधा करने वाली मशीन या ड्रायर बालों को अंदर से खोखला कर देते हैं।
  • डाइट में सही खाने की कमी: दालें और सब्जियां न खाने पर बालों को बनने का ज़रूरी सामान नहीं मिल पाता।
  • बालों को कसकर बांधना: बालों को बहुत टाइट बांधने से जड़ों पर ज़ोर पड़ता है और बाल टूटने लगते हैं।
  • कम पानी पीना: शरीर में पानी की कमी से बाल रूखे हो जाते हैं और जल्दी टूटते हैं।

किन दूसरी शारीरिक कमज़ोरियों से बाल ज़्यादा टूटते हैं

कई बार आपके हॉर्मोन सही होते हैं, फिर भी कुछ दूसरी कमियों की वजह से बाल झड़ते हैं:

  • खून की कमी: शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने से बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती।
  • विटामिन की कमी: कुछ खास विटामिन की कमी से जड़ें कमज़ोर होती हैं और बाल सफेद होकर टूटने लगते हैं।
  • लंबी बीमारी या बुखार: डेंगू या टाइफाइड जैसे बुखार के बाद शरीर कमज़ोर हो जाता है जिससे बाल बहुत गिरते हैं।
  • तेज़ दवाइयों का असर: कुछ तेज़ दवाइयां शरीर में बहुत गर्मी पैदा करती हैं जिससे बाल झड़ने लगते हैं।

केमिकल वाले शैंपू का रोज़ाना इस्तेमाल कब खतरा बन जाता है

जब भी बाल गंदे लगते हैं, हम तुरंत खुशबूदार और झाग वाले शैंपू से उन्हें धो लेते हैं। ये चीज़ें तुरंत बालों को मुलायम तो कर देती हैं, लेकिन रोज़ाना इनका इस्तेमाल करना बहुत खराब है। हमारे सिर की त्वचा एक प्राकृतिक तेल बनाती है जो बालों की रक्षा करता है। अगर आप रोज़ शैंपू लगाकर उस तेल को खत्म कर देंगी, तो बाल एकदम रूखे और बेजान हो जाएंगे। इससे सिर की त्वचा कमज़ोर होगी और बाल बहुत तेज़ी से झड़ने लगेंगे।

बिना दवा के बालों को झड़ने से रोकने के आसान तरीके

आप कुछ बहुत ही आसान और घरेलू तरीके अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक आराम पा सकती हैं:

  • हफ्ते में कम से कम दो बार नारियल या बादाम के तेल से हल्के हाथ से सिर की मालिश करें।
  • बाल धोने के लिए हमेशा हल्के गुनगुने या ठंडे पानी का इस्तेमाल करें, गर्म पानी बालों को नुकसान पहुँचाता है।
  • रोज़ाना भीगे हुए बादाम और अखरोट खाएं, इससे बालों को ज़रूरी पोषण मिलता है।
  • गीले बालों को तौलिए से रगड़ने की बजाय बस हल्के हाथों से सुखाएं।

बालों को मजबूत बनाने के लिए रोज़ की कुछ अच्छी आदतें

अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कुछ छोटे-छोटे बदलाव करके आप बहुत बड़ा फायदा देख सकती हैं:

  • खाने में पोषण बढ़ाएं: अपने भोजन में दालें, पनीर, अंडे या सोयाबीन ज़रूर शामिल करें।
  • नींद पूरी लें: रात को सात से आठ घंटे की गहरी नींद लें ताकि शरीर खुद की अंदर से मरम्मत कर सके।
  • योग और ध्यान करें: रोज़ सुबह थोड़ा समय गहरी सांस लेने वाले व्यायाम को दें, इससे शरीर में खून का बहाव सुधरता है।
  • धूप और धूल से बचाएं: बाहर जाते समय बालों को किसी सूती कपड़े से ढक लें ताकि वे धूप से खराब न हों।

आयुर्वेद इस समस्या को जड़ से कैसे ठीक करता है

आयुर्वेद सिर्फ ऊपर से तेल लगाने को नहीं कहता, बल्कि वह समस्या की जड़ तक जाता है। इसमें सबसे पहले डॉक्टर आपकी जांच करके शरीर के बिगड़े हुए दोष को समझते हैं। फिर शरीर की अंदरूनी सफाई के लिए कुछ हर्बल दवाइयां दी जाती हैं। इसके साथ ही, आपका खाना-पीना ऐसा तय किया जाता है जो आपके शरीर की गर्मी को शांत करे और हॉर्मोन को वापस संतुलन में लाए। इससे बालों का झड़ना रुकता है और शरीर अंदर से स्वस्थ बनता है।

बाल झड़ने की समस्या के लिए डॉक्टर के पास कब जाएं

घरेलू उपाय अपनाने के बाद भी अगर समस्या बनी रहे, तो आपको डॉक्टर से ज़रूर मिलना चाहिए:

  • जब बाल बहुत ज़्यादा गुच्छों में निकलने लगें और सिर में खाली जगह दिखने लगे।
  • बालों के झड़ने के साथ-साथ आपके पीरियड्स भी लगातार ऊपर-नीचे होने लगें।
  • सिर की त्वचा में बहुत ज़्यादा खुजली, दाने या लालपन आ जाए।
  • जब आपकी उम्र कम हो और अचानक से बालों का झड़ना बहुत तेज़ हो जाए।

मॉडर्न इलाज और आयुर्वेद के तरीके में क्या फर्क है

पहलू आधुनिक चिकित्सा आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
मुख्य लक्ष्य बाल झड़ने के कारण की पहचान कर उचित चिकित्सकीय उपचार करना। समग्र स्वास्थ्य, आहार-विहार और शरीर के संतुलन पर ध्यान देना।
उपचार का तरीका कारण के अनुसार दवाइयाँ, लोशन, सप्लीमेंट्स या अन्य चिकित्सा। जड़ी-बूटियाँ, आहार, तेल मालिश और जीवनशैली में सुधार।
उपचार का आधार हार्मोन, पोषण, आनुवंशिक कारण और स्कैल्प की स्थिति का मूल्यांकन। व्यक्ति की प्रकृति, दिनचर्या और समग्र स्वास्थ्य का आकलन।
असर होने की गति उपचार के प्रकार के अनुसार अपेक्षाकृत जल्दी या धीरे-धीरे परिणाम मिल सकते हैं। नियमित पालन के साथ धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण कारण के अनुसार लंबे समय तक उपचार या फॉलो-अप की आवश्यकता हो सकती है। स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित दिनचर्या बनाए रखने पर विशेष ज़ोर दिया जाता है।

निष्कर्ष

हमेशा याद रखें कि आपके बाल आपके शरीर की अंदरूनी सेहत का आईना होते हैं। आपका खानपान, आपकी नींद और आपकी सोच, इन सबका सीधा असर आपके बालों पर पड़ता है। इसलिए बाल झड़ने को सिर्फ एक बाहरी समस्या मानकर इसका इलाज करने की गलती न करें। अपनी इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में खुद के लिए थोड़ा सा समय निकालें। सही खाना खाएं, तनाव से दूर रहें और अपने शरीर के संकेतों को समझें। जब आपका शरीर अंदर से खुश और स्वस्थ रहेगा, तो आपके बाल भी पूरी तरह से घने, काले और मज़बूत बने रहेंगे।

References

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC2684510/

https://www.healthline.com/health/hair-loss

https://www.healthline.com/health/hair-loss-women

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

हां, पीरियड्स के समय शरीर में हॉर्मोन का स्तर बदलता है जिससे उस दौरान बाल सामान्य से थोड़े ज़्यादा झड़ सकते हैं।

 हां, जब पीसीओडी का इलाज सही तरीके से होता है और हॉर्मोन संतुलित हो जाते हैं, तो झड़े हुए बाल धीरे-धीरे वापस आने लगते हैं।

एक दिन में पचास से सौ बाल टूटना बिल्कुल सामान्य है, लेकिन अगर बाल गुच्छों में गिरें तो ध्यान देना ज़रूरी है।

रोज़ केमिकल वाले शैंपू से बाल धोने से सिर का प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है, जिससे बाल कमज़ोर होकर टूटते हैं।

ऐसी चीज़ें जिनमें आयरन और प्रोटीन ज़्यादा हो, जैसे कि हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और सूखे मेवे बालों के लिए बहुत अच्छे होते हैं।

 तेल लगाने से जड़ों को पोषण और खून का बहाव मिलता है, लेकिन अगर हॉर्मोन में गड़बड़ी है तो सिर्फ तेल लगाने से पूरी तरह आराम नहीं मिलेगा।

अगर सही समय पर कारण का पता लगाकर इलाज किया जाए और जीवनशैली सुधारी जाए, तो बालों का झड़ना काफी हद तक रोका जा सकता है।

जी हां, जैसे ही थायरॉयड की दवा से आपके हॉर्मोन का स्तर सही होता है, वैसे ही बालों का गिरना भी धीरे-धीरे कम हो जाता है।

बिल्कुल, नींद पूरी न होने से शरीर में तनाव बढ़ता है और इसका सीधा असर बालों की जड़ों की कमज़ोरी के रूप में दिखता है।

आंवला, रीठा और शिकाकाई को पानी में उबालकर उस पानी से बाल धोना बहुत ही सुरक्षित और फायदेमंद घरेलू नुस्खा माना जाता है।

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